स्वयंसेवक की किस्सागोई में भाजपा का भविष्य अंधकारमय तो नहीं- पुण्य प्रसून बाजपेयी
जेएनयू और डीयू दोनों में मौजूदा सत्ता ने अपनी विचारधारा के लिहाज से वाइस चासलंर नियुक्त किया. जेएनयू के वाइस चांसलर ने तो जेएनयू का ट्रासंफॉर्मेशन बीजेपी के अनुकूल कर दिया. पर डीयू के वाइस चांसलर ने कुछ भी नहीं किया. और डीयू का आलम तो ये है कि बीते तीन बरस से सबकुछ जस का तस यानी स्टैंडसिट्ल है. यहां तक कि कोई नियुक्ति नहीं.