मैं अपनी बीमार मां से 12 दिन तक बात नहीं कर पाया: एक कश्मीरी डॉक्टर की कहानी रवीश की ज़ुबानी
“इतनी बुनियादी बात लोग समझने को तैयार नहीं है कि इंसाफ़ और बदले की भावना एक ही नहीं है. मुसलमानों का पीड़ित होना कश्मीरी पंडितों के लिए न्याय नहीं है.”
“इतनी बुनियादी बात लोग समझने को तैयार नहीं है कि इंसाफ़ और बदले की भावना एक ही नहीं है. मुसलमानों का पीड़ित होना कश्मीरी पंडितों के लिए न्याय नहीं है.”