ये मत पूछिए मोदी नहीं तो कौन, ये पूछिए मोदी फिर आएगा तो क्या होगा?- हर्ष मंदर
2019 में 2014 वाला विकास का पेड़ कट चुका है. उसके ‘अच्छे दिन’ के हरे पत्ते सूख कर झड़ चुके हैं. जो बचा है वो सिर्फ़ नफ़रत की शाखाएं हैं और जहर व अलगाववाद की जड़े हैं.
2019 में 2014 वाला विकास का पेड़ कट चुका है. उसके ‘अच्छे दिन’ के हरे पत्ते सूख कर झड़ चुके हैं. जो बचा है वो सिर्फ़ नफ़रत की शाखाएं हैं और जहर व अलगाववाद की जड़े हैं.