हर्षमंदर का खत: धर्मनिरपेक्षता कोई मुखौटा नहीं, यह भारतीय गणराज्य की जड़ है- हमें नफ़रत की राजनीति का मुकाबला पुरजोर तरीके से करना होगा
“मैं इस बात से घबरा गया हूं कि अगले पांच वर्षों में आगे क्या होगा. लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम उम्मीद को मरने नहीं देंगे. हम विरोध करने के अपने संकल्प को दोहराएंगे.”