गुजरात दंगों पर आधारित किताब के लिए अनुवादक मिलना था मुश्किल, किसी ने कहा- इस किताब पर काम करना सांप को पालने जैसा- पूर्व डीजीपी आर.बी श्रीकुमार
श्रीकुमार ने कहा, “चौदह अनुवादकों ने किताब को गुजराती में अनुवाद करने से मना कर दिया.”
श्रीकुमार ने कहा, “चौदह अनुवादकों ने किताब को गुजराती में अनुवाद करने से मना कर दिया.”