आलोक वर्मा को हटाकर कहीं नरेंद्र मोदी ने ख़ुद को और अपने प्यादों को बचाने का जुगाड़ तो नहीं कर लिया है!
अब बेशक हमारी सरकार और गोदी मीडिया दोनों मिलकर इस मामले को सीबीआई की आंतरिक कलह घोषित करने में तुले हों। लेकिन, यह सारा मामला राफ़ेल डील से लेकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह की अपनी अंदरखाने की राजनीति और अपने प्यादों को बचाने का खेल है।