पिछड़ी जाति के नेता के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के उभार का लाभ सवर्ण को मिला है लेकिन गुणगान धर्म और राष्ट्रवाद का हो रहा है- रवीश कुमार
पारंपरिक कुलीन राष्ट्रवाद के नाम पर अपने लिए वोट हड़प लेगा लेकिन इसके नाम पर अपना वोट या संसाधन उसी पार्टी के टिकट से कम प्रभुत्व वाली जाति के मगर सबसे योग्य उम्मीदवार को नहीं देगा ताकि वह जीत सके.