देश में इमरजेंसी से भी बदतर है हालात, कोई तो निकले सड़क पर सच बोलते हुए- पुण्य प्रसून बाजपेयी
इतिहास के पन्नों को पलटते वक्त जो आहट सुनाई दे रही है, वह ज्यादा क्रूर तरीके और सत्ता की मद में चूर होकर जिस इतिहास रचने की है, वह सिर्फ संकेत भर है कि आने वाले वक्त में हालात और खराब होंगे.