सर्वे: दक्षिण भारत की 131 सीटों में से UPA को मिल सकती है 71 सीट, 17 पर सिमट सकता है NDA
न्यूज़ चैनल, टाइम्स नाउ और वीएमआर के एक सर्वे में यह जानकारी सामने आई.
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों पर हर किसी की नज़र है, इसलिए टीवी चैनल्स इन चुनावों को लेकर पहले ही सर्वे करा रहे हैं. इसी कड़ी में अब न्यूज़ चैनल, टाइम्स नाउ ने वीएमआर के साथ मिलकर एक सर्वे कराया है.
इस सर्वे के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को दक्षिण भारत की 131 सीटों में मात्र 17 सीटों पर ही सब्र करना होगा. वहीं इसके उलट कांग्रेस को बीजेपी से चार गुना ज्यादा, यानी 71 सीटों पर जीत हासिल करते हुए दिख रही है. जनसत्ता के मुताबिक जनवरी महीने में कराए गए इस सर्वे के नतीजों में अलग-अलग राज्यों में बीजेपी-कांग्रेस की सीटों की तस्वीर कुछ इस तरह है-
तमिलनाडु में लोकसभा की कुल 39 सीटें हैं, जिसमें से यूपीए 39 में से 35 सीटों पर जीत दर्ज कर सकेगी. वहीं, एआईएडीएमके चार सीटों पर जीत दर्ज करेगी. अगर बात करें एनडीए की तो यहां उसका खाता तक खुलता नहीं दिख रहा है. वहीं 2014 लोकसभा चुनाव पर नज़र डालें तो उस समय एआईडीएमके ने 37 सीटें हासिल की थीं, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का खाता तक नहीं खुला था. वहीं बीजेपी गठबंधन तथा अन्य को 1-1 सीटों से संतुष्ट होना पड़ा था.
केरल में लोकसभा की 20 सीटों पर अगर आज चुनाव होते हैं तो बीजेपी का खाता खुल सकता है. कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) 16 सीटों पर जीत दर्ज करेगी. वहीं, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट 3 सीटें जीतेगी. बता दें कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में यूडीएफ ने 12 सीटें और एलडीएफ ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी. और अब बात करते हैं आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 सीटों पर. यहां आज चुनाव कराने पर वाईएसआरसीपी 23 सीटों पर जीत दर्ज करेगी. तेलुगू देशम पार्टी सिर्फ 2 सीटों पर सिमट कर रह जाएगी. बीजेपी और कांग्रेस मुंह के बल गिरेगी क्योंकि यहां उनका खाता तक नहीं खुलता दिख रहा है.
वर्ष 2014 के चुनाव में आंध्र प्रदेश की 25 सीटों में से TDP ने 15 सीटें और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने 8 सीटें जीती थी. वहीं भाजपा को 25 में से मात्र 2 सीटों से सब्र करना पड़ा था.