रोज़गार देने में फ़ेल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी : मूर्ति के नीचे सैकड़ों लोगों का प्रदर्शन
लोगों ने कहा कि उनकी आने वाली पीढ़ी के लिए नौकरियां भी सुरक्षित नहीं हैं.
गुजरात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कुछ समय पहले ही सरदार पटेल की मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया गया था. मूर्ति के अनावरण पर प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों के आय स्त्रोत बढ़ने की बात कही थी. लेकिन उसके ठीक ऐसा कुछ होता हुआ नज़र नहीं आ रहा है. सोमवार को छह गांवों के 100 से अधिक लोगों ने नौकरियों की मांगों को लेकर सरकार के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन किया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले ज़्यादातर लोग स्थापित प्रतिमा के आस-पास के गांवों में रहते हैं. प्रदर्शन में आए लोगों का कहना है कि उन लोगों की ज़मीनें पहले सरदार सरोवर बांध के लिए छीन ली गई और अब सरदार पटेल की प्रतिमा की वजह से उन्हें अपनी ज़मीनों से हाथ धोना पड़ा. इसके अलावा सड़को की चौड़ाई और श्रेष्ठ भारत भवन, आदि के लिए भी उनकी ज़मीनों को अधिकृत कर लिया गया. अब उन्हें नौकरी की प्रक्रिया में प्रथामिकता दी जानी चाहिए.
नवगम गांव के सरपंच ने कहा, “मेरे गांव में 52 किसान इससे प्रभावित हुए हैं. ज़मीन हमारी आय का मुख्य स्त्रोत होती थी. उसका भी अधिग्रहण कर लिया गया. अब हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए नौकरियां भी सुरक्षित नहीं हैं. जो भूमि सरकार द्वारा अधिकृत नहीं की गई थी वो भी मूर्ति का सौंदर्य बढ़ाने के लिए बांध द्वारा छोड़े गए पानी के कारण नष्ट हो गई. हम बिना किसी राहत के हर तरफ से पीड़ित हैं.”
गौरतलब है कि इस प्रदर्शन को किसी क्षेत्रीय जनजातीय नेताओं या कार्यकर्ताओं द्वारा मार्गदर्शन नहीं दिया गया था. अपनी ज़मीनें छिन जाने के कारण और आय का स्त्रोत न होने की स्थिति में इससे प्रभावित लोग स्वयं ही प्रदर्शन में हिस्सा लेने और अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए एकजुट हुए थे.