छत्तीसगढ़ चुनाव: तो क्या अब पुलिस बताएगी कि भाजपा को वोट दो!
मरवाही विधानसभा सीट के धनौली गांव में बूथ नंबर 47 पर रिटर्निंग ऑफिसर कमल तिवारी ने एक बुज़ुर्ग मतदाता को उनकी इच्छा के विरूद्ध दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में वोट दिलाया.
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी और अव्यवस्था की कई शिकायतें मिली. लेकिन सबसे हैरानी की बात यह है कि यहां मतदान केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने एक खास पार्टी के पक्ष में वोट देने का दबाव बनाया.
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार मरवाही विधानसभा सीट के धनौली गांव में बूथ नंबर 47 पर रिटर्निंग ऑफिसर कमल तिवारी ने एक बुज़ुर्ग मतदाता को उनकी इच्छा के विरूद्ध दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में वोट दिलाया. लेकिन, बूथ पर मौजूद एजेंट ने इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से कर दी. इसके बाद ज़िला निर्वाचन अधिकारी पी दयानन्द ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी ऑफिसर की गिरफ़्तारी के आदेश दिए और उसे तत्काल प्रभाव से मतदान कार्य से अलग कर दिया गया.
इसके अलावा दो अन्य थाना प्रभारियों पर भी भाजपा से प्रभावित होकर विशेष दल के ख़िलाफ़ मतदान कराने का आरोप लगा है. इसके बाद बिलासपुर एसपी ने भी शिकायत मिलने पर तुंरत कार्रवाई करते हुए गौरेला थाना प्रभारी एस.एस सोरी और पेंड्रा थाना प्रभारी अमित पाटले को लाइन हाज़िर कर दिया. शिकायत सही पाए जाने पर दोनों आरोपी थाना प्रभारियों को रक्षिक केंद्र बिलासपुर भेजा गया है. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने की जंग लड़ रही है.