CAG की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि स्वतंत्र संस्थाओं में मोदी सरकार का कितना हस्तक्षेप है- सीताराम येचुरी
कैग की रिपोर्ट राफ़ेल सौदे में हुए भ्रष्टाचार पर लीपापोती करने के अलावा कुछ नहीं बताती.
राफ़ेल को लेकर संसद में पेश की गई कैग की रिपोर्ट को लेकर माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. येचुरी ने एक विडियो के ज़रिए अपनी बात रखते हुए कहा कि यह रिपोर्ट स्वतंत्र संस्थाओं में मोदी सरकार के हस्तक्षेप को दर्शाता है. कैग की रिपोर्ट राफ़ेल सौदे में हुए भ्रष्टाचार पर लीपापोती करने के अलावा कुछ नहीं बताती.
माकपा महासचिव राफ़ेल सौदे पर बिंदुवार ढंग से बात रखते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में कई सवालों के जवाब ही नहीं है. मसलन, रिपोर्ट में यह बताया गया है कि यूपीए सरकार की तुलना में मोदी सरकार की डील 2.86 प्रतिशत सस्ता है. इसमें प्रतिशत के हिसाब से ज़िक्र है, कुल पैसे का आंकड़ा बताया ही नहीं गया है.
.@SitaramYechury: राफेल सौदे में हुई है बड़ी धांधली जिसकी जांच संसदीय समिति को करना चाहिए |#RafaleCAGReport#RafaleScam pic.twitter.com/vH7ToBbCV1
— CPI (M) (@cpimspeak) February 14, 2019
युचेरी ने आगे कहा कि “कैग की रिपोर्ट में इस बात की ज़िक्र है कि बैंक गारंटी न होने से दसॉल्ट को फ़ायदा पहुंच रहा है, अब यह फ़ायदा कितना है, इस बात कोई ज़िक्र नहीं.”
उन्होंने द हिंदू की रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए कहा कि हमारे नेगोशिएटिंग टीम के तीन वरिष्ठ अधिकारी इसे यूपीए सरकार में हुए डील से महंगा बता रहे हैं. इस आधार पर तो कैग की रिपोर्ट ही ग़लत है.
आख़िरी में उन्होंने पूर्व वित्त सचिव और वर्तमान में नियंत्रक महालेखा परीक्षक(कैग) राजीव महर्षी पर निशाना साधते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में डील से संबंधित व्यक्ति ही स्पष्टीकरण दे रहा है कि इसमें नफ़ा हुआ है नुकसान. यह सीधे-सीधे हितों का टकराव का मामला है.