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पॉकेटमार हैं नरेन्द्र मोदी, जनता के पैसे को ही फिर से वापस लौटाकर वाहवाही लूट रही उनकी सरकार: सीताराम येचुरी

सीताराम येचुरी ने बीते दिन मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को जुमला बताया है.

देश के किसान, जवान और युवा संगठन मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए हैं. जय जवान, जय किसान, जय संविधान नामक इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य आगामी चुनाव से पहले वास्तविक मुद्दों को उजागर करना है. इस रैली को संबोधित करते हुए माकपा अध्यक्ष सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना पॉकेट मार से करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों की पॉकेट मारी और फिर उन्हीं के पैसों से लोगों का फायदा देने की बात कर रहे हैं. सीताराम येचुरी ने बीते दिन मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को जुमला बताया है.

येचुरी ने कहा कि पीएसीएल नामक एक कंपनी ने 17 सालों तक ज़मीन खरीदने और बेचने का काम किया था. पूरे देश के 6 करोड़ किसानों और मजदूरों ने कंपनी में पैसा लगाया था. लेकिन, कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए एसईबीआई ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी बंद कर दी थी. जिसकी वजह से किसानों और मजूदरों का 49100 करोड़ रुपए कंपनी के पास ही रह गए.

माकपा नेता ने आगे कहा कि इसके बाद SEBI और पीएसीएल के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस चला और सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को आदेश दिया कि एक कमेटी गठित करके पीएसीएल की सभी संपत्तियों (जिसकी कुल कीमत 1.85 करोड़ रुपए है) को नीलाम करके पीड़ित किसानों और मजदूरों का भुगतान किया जाए. कोर्ट के आदेश अनुसार यह भुगतान 6 महीने के अंदर करना था, लेकिन 36 महीने बाद भी किसानों और मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया है.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू न करने वाले लोगों को गिरफ़्तार किया जाए और उनकी संपत्ति जब्त कर किसानों और मजदूरों का पैसा दिया जाए. येचुरी ने आरोप लगाया कि देश के वित्त मंत्री यह काम नहीं होने दे रहे हैं. सीताराम येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार देश में लूट को अंजाम दे रही है, इस सरकार को बदलने की जरूरत है. उन्होंने राफ़ेल सौदे को लेकर भी सवाल उठाए. मोदी सरकार ने जवानों के लिए वन रैंक वन पेंशन देने का वादा पूरा नहीं किया है.

बजट को लेकर युचेरी ने कहा कि किसानों को 6 हज़ार प्रतिवर्ष देने का मतलब है 500 रुपए प्रति महीना. जिसके हिसाब से 5 लोगों के परिवार को मोदी सरकार हर रोज का 3 रुपए की राहत दे रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने साढ़े चार सालों में पूंजीपतियों का साढ़े तीन लाख करोड़ का कर्ज़ माफ कर दिया लेकिन देश के अन्नदाता आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं.

उन्होंने कहा कि देश के हित के लिए मोदी सरकार को हटाने की जरूरत है. इस लूट को रोक कर संवैधानिक व्यवस्था को बचाना है. जैसे चुनाव नजदीक आ रहे वैसे-वैसे जुमले भी आएंगे. उन्होंने कहा कि पीएम पॉकेट मार है. उन्होंने मोदी सरकार की तुलना कौरवों से करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में बस दो लोग हैं. एक दुर्योधन और दूसरा दुशासन यानी पीएम मोदी और राष्ट्रीय अमित शाह हैं. हम भारत को बचाएंगे और बेहतर भारत बनाएंगे.

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