वायनाड से राहुल गांधी की उम्मीदवारी पर बोले येचुरी- कांग्रेस भाजपा से नहीं एलडीएफ के ख़िलाफ़ लड़ना चाहती है चुनाव
सीताराम येचुरी ने कहा कि यह जरूरी है कि केरल के सभी 20 एलडीएफ उम्मीदवार लोकसभा में पहुंचें.
राहुल गांधी के केरल के वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के पीछे सीपीआईएम द्वारा सलाह देने की ख़बरों का सीताराम येचुरी ने खंडन किया है. उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियों का काम कांग्रेस अध्यक्ष को चुनाव लड़ने का निर्देश देना नहीं है.
सीताराम येचुरी ने केरल के पठानमथिट्टा में कहा, “वायनाड से राहुल की उम्मीदवारी इस बात की ओर इशारा करती है कि कांग्रेस भाजपा से नहीं बल्कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ना चाहती है.”
Comrade @SitaramYechury said at Pathanamthitta while campaigning for the LDF candidate Com. Veena George that major objective of the Left is to remove BJP from power. But Rahul's candidature at Wayanad points to the fact that Congress wants to contest against LDF and not BJP. pic.twitter.com/BDqPNtAiMw
— CPI (M) (@cpimspeak) April 1, 2019
उन्होंने आगे कहा कि मलायम मीडिया में कुछ ख़बरें आई थी. जिसके अनुसार सीपीआईएम ने राहुल गांधी को दक्षिण भारत से चुनाव लड़ने की सलाह दी है. यह ख़बरें आधारहीन है.”
सीपीआईएम अध्यक्ष ने कहा कि, “कम्यूनिस्ट पार्टियों का काम कांग्रेस अध्यक्ष को चुनाव लड़ने का निर्देश देना नहीं है. हम यह मानते हैं कि मीडिया को रिपोर्ट करने का अधिकार है. लेकिन, उन्हें इस अधिकार का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए. मीडिया को अपनी ज़िम्मेदारियों के बारे में सचेत रहने की आवश्यकता है.”
येचुरी ने एलडीएफ उम्मीदवार कॉम वीना जर्ज के लिए प्रचार करने के दौरान कहा, “ कई कांग्रेस अध्यक्ष उत्तर और दक्षिण भारत से चुनाव लड़ चुके हैं. इंदिरा गांधी चिकमगलूर और सोनिया गांधी से बेल्लारी से चुनाव लड़ चुकी हैं. क्या इसके लिए उन्हें किसी ने सलाह दी थी?”
उन्होंने कहा कि हम किसी को भी चुनाव लड़ने या न लड़ने की सलाह नहीं दे सकते हैं. हमने सिर्फ यह देखा है कि कांग्रेस ऐसा करके सही संदेश नहीं दे रही है.
सीताराम येचुरी के अनुसार, “वायनाड से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने को लेकर ना तो माकपा और ना ही वामपंथी परेशान हैं. हम अपनी पूरी ताकत से चुनाव लडेंगे. लेकिन, वायनाड से राहुल गांधी के चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस को अपनी स्थिती स्पष्ट करनी चाहिए.”
साथ ही येचुरी ने कहा, “वामपंथियों का प्रमुख उद्देश्य भाजपा को सत्ता से हटाना है. इस देश के लोग वहीं चाहते हैं. लेकिन, वायनाड से राहुल की उम्मीदवारी इस बात की ओर इशारा करती है कि कांग्रेस भाजपा से नहीं बल्कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ना चाहती है. यह देश के हित में नहीं है. यदि देश की हित की बात करें तो केरल के सभी 20 एलडीएफ उम्मीदवारों को लोकसभा में लाना ज़रूरी है.”