पहले से महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में हूं, चौकीदार शब्द के लिए चापलूसी करने की ज़रूरत नहीं- उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख ने कहा कि मुझे चौकीदार होने की जरूरत नहीं है. मैं जन्मजात शिवसैनिक हूं. इसलिए मैं शिवसैनिक ही रहूंगा.
शिवसेना प्रमुख के बयानों से ऐसा लग रहा है कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए इन्टरव्यू में उद्धव ठाकरे ने नाम के आगे चौकीदार लगाने की बात को निरर्थक बताया है.
नेशनल हेराल्ड के अनुसार ठाकरे ने कहा कि “वह पहले से ही महाराष्ट्र के लोगों की सेवा कर रहे हैं, इसलिए नाम के लिए चौकीदार शब्द की चापलूसी करने की जरूरत नहीं है.”
शिवसेना प्रमुख ने आगे कहा कि मुझे चौकीदार होने की जरूरत नहीं है. मैं जन्मजात शिवसैनिक हूं. इसलिए मैं शिवसैनिक ही रहूंगा. मैं कांग्रेस मुक्त एजेंडे के लिए काम नहीं करता.
मंगलवार को मराठी में प्रकाशित साक्षात्कार में दिए गए मत उस बयान से बिल्कुल विपरीत है जिसमें ठाकरे ने कहा था कि भाजपा-शिवसेना में मनमुटाव ज़रुर था, लेकिन अमित शाह जी के मेरे घर आ जाने से वो खत्म हो गया.
बता दें कि बीते शनिवार को अमित शाह ने गांधीनगर सीट से अपना चुनावी नामांकन दाखिल किया था. इस दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी पहुंचे थे. उन्होंने रोड शो के दौरान एक छोटा भाषण देकर दोनों पार्टियों के बीच बढ़ रही तल्खियों का कम करने की कोशिश की थी.
ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ रही है. कुल 48 सीटों में से 25 सीटों पर भाजपा तो 23 पर शिव सेना लड़ेगी.