साध्वी प्रज्ञा का बचाव कर लें मोदी जी, पर कर्नल पुरोहित और मालेगांव विस्फोट के अन्य आरोपियों से पल्ला झाड़ चुका है RSS
संघ के वरिष्ठ नेता सुरेश भैया जोशी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि कर्नल पुरोहित के सहयोगी संघ प्रमुख मोहन भागवत के हत्या की साजिश रच रहे थे.
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भले ही मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बचाव में बयान दे रहे हों, लेकिन उन्हीं के मातृ संस्था आरएसएस ने लेफ़्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित और उनके सहयोगियों से दूरी बना चुकी है. इसके साथ ही श्रीकांत पुरोहित और उनके साथियों पर आरोप लगा था कि इन लोगों ने मौजूदा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की हत्या की साजिश रची थी.
बिजनेस स्टैंडर्ड में ए. मोहन की रिपोर्ट के मुताबिक तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखी एक चिट्ठी में आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि श्रीकांत पुरोहित और उसके सहयोगी मोहन भागवत और संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार की हत्या की साजिश रच रहे हैं.
3 फरवरी 2011 को लिखे इस पत्र में संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैया जोशी ने कहा था कि खुफ़िया एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली है कि मोहन भागवत और इंद्रेश कुमार की हत्या की साजिश रची जा रही है.
इस चिट्ठी संवाद डॉट ओआरजी पर भी पढ़ी जा सकती है. यह वेबसाइट आरएसएस की बताई जाती है.
इस चिट्ठी में पुरोहित और दयानंद पाण्डेय का नाम स्पष्ट रूप से लिखा है, लेकिन प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम नहीं है. इस चिट्ठी में संघ नेता भैया जोशी ने कहा है कि मालेगांव, अजमेर और हैदराबाद विस्फोट में ग़लत तरीके से संघ का नाम जोड़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुंबई एटीएस के पास पुख़्ता जानकारी थी कि भागवत और इंद्रेश कुमार को मारने की साजिश चल रही है.
मनमोहन सिंह को लिखी चिट्ठी में भैया जोशी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और पुरोहित से अपने संबंध को नकारते हुए कहा था कि जो लोग संघ के नेताओं को मारने की साजिश कर रहे हैं, उन्हें किस तरह से संघ का आदमी कहा जा रहा है.
बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक पुरोहित संघ के दो टुकड़े करना चाहता था, इसलिए वह लगातार इसके ख़िलाफ़ षडयंत्र रच रहा था. इस चिट्ठी में कर्नल पुरोहित को ग़ैर-भाजपाई और आरएसएस विरोधी भी बताया गया था.
बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भैया जोशी ने कर्नल पुरोहित, दयानंद पाण्डेय और इनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ एक स्वतंत्र जांच की मांग भी की थी.