आरएसएस राष्ट्र विरोधी है, वह भारत के स्वधर्म के ख़िलाफ़ है- योगेंद्र यादव
योगेन्द्र यादव ने पुछा, क्या आरएसएस दूसरों को भारतीय होने न होने का प्रमाण पत्र देने से पहले ख़ुद भारतीय बनना चाहती है?
स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने मंगलवार को कहा कि राइट विंग हिंदू संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) एक ‘राष्ट्र विरोधी (एंटी-नेशनल)’ संगठन है क्योंकि ये ‘भारत के स्वधर्म’ के ख़िलाफ़ है।
यादव ने ट्वीटर के मध्यम से आरएसएस पर हमला करते हुए लिखा, “उनकी (आरएसएस) की समस्या यह नहीं है कि वे मुस्लिम विरोधी हैं बल्कि यह है कि वे राष्ट्र विरोधी हैं।”
Nothing courageous, sir.
Just stated plain facts.
RSS has ZERO contribution to Indian nationalism.
Their very concept of nation is European.
They want Hinduism to be like Islam and Christianity.
Their problem is not just that they are anti Muslim, but that they are anti national. https://t.co/6UQJXXzuqX— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) September 18, 2018
लेकिन जब एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने यादव पर आरएसएस के बारे में निराधार टिप्पणी करने का आरोप लगाया तब यादव ने दावा किया कि उन्होंने संगठन को अंदर और बाहर दोनों तरफ से देखा है। लेकिन व्यक्तिगत पसंद को सच बताने के आड़े नहीं ला सकता कि आरएसएस भारत के स्वधर्म के ख़िलाफ़ है।
Sir, I have seen @RSSorg from inside and outside. I have read its thinkers, who are better than its current leaders. And I have respect for you.
But I can’t let personal affection come in the way of stating the truth: RSS is against the Swadharma of India.
Hence anti-national. https://t.co/bd31GcmUzX— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) September 19, 2018
बीते मंगलवार को यादव एक टेलीविज़न कार्यक्रम में शामिल हुए थे जिसमे इस विषय पर बहस हो रही थी कि “क्या आरएसएस अपने छवि बदलाव का प्रयास कर रहा है?” बहस के दौरान यादव ने कहा, “उसका विचारधारात्मक सिद्धांत यूरोप से लिया गया है। यह विचारधारा पूरी तरह से आयात की हुई है और यह भारत का नहीं है। उनकी हिन्दू धर्म की अवधारणा इसाई धर्म और इस्लाम का ही नक़ल है। इसलिए क्या आरएसएस दूसरों को भारतीय होने न होने का प्रमाण पत्र देने से पहले ख़ुद भारतीय बनना चाहती है? मैं जो सवाल पूछना चाहता हूँ वह यह है कि क्या आरएसएस ख़ुद भारतीय है?”