बुलंदशहर हिंसा: पत्थरबाज़ी के आरोपी सुमित पर मेहरबान हैं योगी जी, परिवारवालों को देंगे 10 लाख का मुआवज़ा
3 दिसम्बर को हुए कथित गोवंश हत्या को लेकर हुई हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह एवं 19 वर्षीय सुमित की मौत हो गई थी.
बुलंदशहर में कथित गोकशी के बाद भड़की हिंसा में पत्थरबाज़ी का आरोपी और 19 वर्षीय मृतक सुमित के परिवार को योगी सरकार ने 10 लाख रुपए का मुआवज़ा देने का फ़ैसला किया है.
गौरतलब है कि 3 दिसम्बर को हुई इस हिंसा को लेकर पुलिस ने जो एफ़आईआर दर्ज की, उसमें सुमित का भी नाम था. ख़बरों के मुताबिक़ सुमित लखावती में एक डिग्री कॉलेज में पढ़ता था और द्वितीय वर्ष का छात्र था.
3 दिसम्बर को बुलंदशहर में कथित रूप से लगभग 25 गायों का मांस बरामद होने से हिंसा भड़क गई. कुछ दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारी रास्तों पर उतर गए और सड़कें जाम कर दी. जब पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप करने के कोशिश की, तब प्रदर्शनकारियों ने पथराव करना शुरू किया इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हुई. इस हंगामें में भीड़ ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की जान ले ली. इसके साथ ही पुलिस के कई वाहनों को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया.
सुबोध सिंह के परिवार को राज्य सरकार ने मुआवज़े के तौर पर 50 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी है. इसी बीच, सिंह की बहन ने यह आरोप लगाया है कि सुबोध 2015 में हुए मोहम्मद अखलाक़ की मॉब लिंचिंग मामले की जांच में शामिल थे इसलिए उनकी हत्या की गई है.