दलित-पिछड़ी जातियों के बूथ पर वोटिंग प्रक्रिया में देरी करा रहे चुनाव अधिकारी, RJD नेता मनोज झा ने EC को लिखी चिट्ठी
बिहार के मुजफ़्फरपुर के एक होटल से 6 ईवीएम और 1 वीवीपैट मशीन बरामद हुई थी. इसे एक चुनाव अधिकारी ने अपने कब्ज़े में रखा गया था.
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने लोकसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा है कि मतदान कार्य संपन्न करा रहे अधिकारी पिछड़ा वर्ग बहुल इलाके में जानबूझ कर वोटिंग की प्रक्रिया धीमी करा रहे हैं, ताकि लोग अपना वोट ना डाल सकें.
मंगलवार, 7 मई को चुनाव आयोग के पास लिखी चिट्ठी में मनोज झा ने मुजफ़्फरपुर के एक होटल से बरामद हुए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में जांच के साथ-साथ पिछले चरण के चुनाव में इस तरह की धांधली की पड़ताल की जाए.


बिहार के मुजफ़्फरपुर के एक होटल से 6 ईवीएम और 1 वीवीपैट मशीन बरामद हुई थी. इसे एक चुनाव अधिकारी ने अपने कब्ज़े में रखा गया था. मामला प्रकाश में आने के बाद जांच कराई जा रही है और उक्त अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया है.
इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में मनोज कुमार झा ने कहा है कि चुनाव संपन्न करा रहे पीठासीन अधिकारी पिछड़ा और अल्पसंख्यक बहुल इलाके में चुनाव प्रक्रिया में काफी देरी करा रहे हैं. जिससे वोटिंग प्रतिशत में कमी देखी गई है. उन्होंने कहा है कि सीतामढ़ी जिले के सिंघाचोरी प्रखंड के बखोरी पंचायत के बूथ संख्या 276 तथा सारण लोकसभा क्षेत्र के मुकरेरा के बूथ संख्या 36 और 37 पर तथा दिघवाड़ा के मलखाचक में बूथ संख्या 33 और 34 पर इस तरह के मामले देखे गए हैं. राजद सांसद मनोज कुमार झा ने इस मामले में त्वरित संज्ञान लेने और कार्रवाई करने की मांग की है.
बिहार में पूरे सात चरणों में चुनाव होने हैं. 12 मई और 19 मई को छठे और सातवें चरण के बाद वोटिंग की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी. देशभर में मतों की गिनती 23 मई को की जानी है.