सवर्णों को आरक्षण देना मोदी की चुनावी चाल, वाजपेयी ने भी किया था यह स्टंट पर नहीं मिला लाभ: येचुरी
सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि लोगों ने नौकरियां खो दी हैं और ऐसे में इस तरह के चाल बेमाने हैं.
भाजपा सरकार ने आर्थिक रूप से देश के पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है. सरकार के इस फ़ैसले को सीपीआई (मार्क्सवादी) ने चुनावी चाल बताया है.
सीपीआई (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी एक बार ऐसी ही चुनावी चाल चली थी. उसके बाद हुए चुनाव में भाजपा को इसका लाभ नहीं मिल सका.
सीपीएम नेता येचुरी ने वाजपेयी सरकार के फ़ैसले पर अपनी पार्टी की पुरानी प्रतिक्रिया ट्विटर पर साझा की है. इस ट्वीट में येचुरी ने लिखा, “अपना कार्यकाल ख़त्म करने के कुछ महीनों पहले ही वाजपेयी सरकार ने भी इसी तरह की चाल चली थी. इतिहास ख़ुद को दोहराता है, इस बार एक ढोंग की तरह.”
A similar gambit was played by the Vajpayee govt months before its term ended. Our Polit Bureau had this to say then. #October2003
History repeats itself, this time as a farce. https://t.co/2d8NUp55t3 pic.twitter.com/FwYfYRqWHq— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) January 7, 2019
उन्होंने आगे लिखा, “बात यह है कि मोदी ने 2014 से पहले 10 करोड़ नई नौकरियों का वादा किया था. उनके कार्यकाल के अंत में जीविकाएं बर्बाद हो चुकी हैं और लोगों ने नौकरियां भी खो दी हैं. ऐसे में इस तरह के चाल बेमाने हैं. नौकरियां कहां हैं?”
The point is, Modi promised 10 crore new jobs before 2014. All we have at the end of his term are job losses and the destruction of livelihoods. So such ploys are meaningless. Where are the Jobs? #Jumlas https://t.co/oWVfItKsdK
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) January 7, 2019
गौरतलब है कि वाजपेयी सरकार ने उच्च जाति के लिए आरक्षण के प्रस्ताव को पारित कर दिया था. उस दौरान उन्होंने कहा था कि मंडल कमीशन के समय से इस विषय पर विचार चल रहा है. लेकिन, इसके बाद वाजपेयी सरकार ने इस मामले में आगे कोई क़दम नहीं उठाया.