राजस्थान: बेरोजगारों को हर महीने 3500 रुपए भत्ता देगी प्रदेश सरकार, CM अशोक गहलोत ने किया ऐलान
विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान के कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने वादा किया था कि अगर वे सत्ता में आए तो प्रदेश के बेरोज़गारों को भत्ता मुहैय्या कराएंगे.
2019 लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ‘न्यूनतम आमदनी गारंटी योजना’ के मास्टर स्ट्रोक के बाद राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने एक और बड़ा दांव खेला है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के सभी बेरोज़गारों को हर महीने 3000-3500 रुपए बेरोज़गारी भत्ता देने की घोषणा की है.
‘जनसत्ता’ के मुताबिक, सीएम गहलोत ने 31 जनवरी को राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि बेरोज़गार लड़कों को हर महीने 3000 और लड़कियों को 3500 रुपए, भत्ते के तौर पर दिए जायेंगे. अपने चुनावी घोषणा-पत्र में सभी बेरोज़गारों को 3500 रुपये बेरोज़गारी भत्ता देने के वादे को याद करते हुए, प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रकम एक मार्च से सभी बेरोज़गारों के बैंक खाते में जमा की जाएगी. हालांकि, यह बेरोज़गारी भत्ता सिर्फ उन्हीं बेरोज़गारों को दिया जाएगा. जिनका नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत है.
उन्होंने कहा कि, “1 मार्च से हम सभी बेरोज़गारों को 2 साल तक 3500 रुपए बेरोज़गारी भत्ता देंगे. राजस्थान में बेरोज़गारों को अब तक 600 रुपए बेरोज़गारी भत्ता मिलता है. यह योजना भी हमने ही शुरू की थी.’’
आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान के कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने वादा किया था कि अगर वे सत्ता में आए तो प्रदेश के बेरोज़गारों को भत्ता मुहैय्या कराएंगे. इसके तहत युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बेरोज़गारों से फॉर्म भी भरवाए थे.
हालांकि राजस्थान सरकार के लिए यह योजना लागू करना इतना आसान नहीं है. कांग्रेस और बीजेपी के बेरोज़गारी भत्ता देने के वादे के बाद से, पिछले 3 महीनों में करीब 4 लाख लोगों ने बेरोज़गार के तौर पर रोज़गार कार्यालय में अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. ऐसे में किसान कर्ज़ माफ़ी के लिए पैसा जुटाने में जुटी राजस्थान सरकार पर बेरोज़गार भत्ता वित्तीय भार भी बन सकता है.