रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफ़ेल नोट पर जारी मीडिया रिपोर्ट को सच ठहराते हुए पूछा एनएसी और सोनिया गांधी का क्या?
रक्षा मंत्री जी, हमसे क्यूं पूछ रहे हो?
राफ़ेल सौदे में नए खुलासे की गूंज शुक्रवार को संसद में भी सुनाई दी. एएनआई की ख़बर के मुताबिक रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान ने इस बात की पुष्टि कर दी कि द हिंदू में छापे गए दस्तावेज़ सही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री का बचाव करने की असफल कोशिश करते हुए कहा कि एनएसी में सोनिया गांधी के दखल को आप क्या कहेंगे. वह क्या था.
Defence Minister Nirmala Sitharaman in Lok Sabha: Then Defence Minister Manohar Parrikar ji replied to that MoD note that remain calm, nothing to worry, everything is going alright. Now, what do you call the NAC led by Sonia Gandhi's interference in earlier PMO? What was that? pic.twitter.com/jB4z5kJCd3
— ANI (@ANI) February 8, 2019
द हिंदू की हालिया ख़बर के अनुसार 7.87 बिलियन डॉलर की विवादित राफ़ेल डील पर दोनों देशों के बीच हो रही बातचीत के दौरान पीएमओ की ओर से किये जा रहे समानांतर दखल का भारतीय रक्षा मंत्रालय ने जमकर विरोध किया था. रक्षा मंत्रालय का कहना था कि पीएमओ की ओर से इस तरह की समानांतर बातचीत की वजह से रक्षा मंत्रालय की टीम और समझौता ज्ञापन, कमज़ोर हुए हैं.
तत्कालीन रक्षा सचिव जी.मोहन कुमार ने आधिकारिक तौर पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को ध्यान दिलाते हुए लिखा था कि पीएमओ को इस तरह की बातचीत से बचना चाहिए क्योंकि इससे रक्षा मंत्रालय की बातचीत प्रभावित हो रही है.