राफ़ेल घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है विमानों की क़ीमत का मामला
कोर्ट ने अपने फ़ैसले में विशेष रूप से कहा है कि हम यह मामला संविधान के अनुच्छेद 32 के अधीन देख रहे हैं, जिसका अधिकार क्षेत्र सीमित है.
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राफ़ेल सौदे के ख़िलाफ़ दायर सारी जनहित याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है.
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने सुनवाई के दौरान फैसला सुनाते हुए कहा है कि सौदे की खरीद प्रक्रिया में कोई कमी नहीं है. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि राफ़ेल क़ीमतों में की गई बढ़ोतरी को देखना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है.
कोर्ट ने अपने फ़ैसले में विशेष रूप से कहा है कि हम यह मामला संविधान के अनुच्छेद 32 के अधीन देख रहे हैं, जिसका अधिकार क्षेत्र सीमित है. हम सरकार से ये नहीं कह सकते हैं कि वो 36 विमान के जगह 126 विमान खरीदे.
राफ़ेल सौदे के ख़िलाफ़ वकील एमएल शर्मा, विनीत ढांडा, प्रशांत भूषण, आप नेता संजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले को प्रशांत भूषण ने ग़लत करार दिया है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने का विचार करेंगे.