योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ धाम में दलितों के साथ होता है भेदभाव और ज़्यादती, स्टिंग ऑपरेशन का दावा
इंडिया टुडे ग्रुप के पत्रकार राहुल कंवल ने ट्वीट के जरिए इस स्टींग की जानकारी दी है.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोरख धाम मंदिर में दलितों के प्रवेश को लेकर भेदभाव किए जाने का मामला सामने आया है. एक स्टिंग ऑपरेशन में दावा किया गया है कि गोरखनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश पर पांबदी लगाई गई है.
इंडिया टुडे ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल ने ट्वीट कर कहा कि गोरखपुर के गोरखनाथ धाम समेत भारत के कुछ बड़े मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर मनाही, एससी समुदाय से बुरा बर्ताव, वोटों के लिए लुभाना और असल में लताड़ना, आंखे खोलने वाला सच देखना न भूलिए.
गोरखपुर के गोरखनाथ धाम समेत भारत के कुछ बड़े मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर मनाही, देखिए पुजारी कैसे करते हैं SC समुदाय से बुरा बर्ताव,वोटों के लिए लुभाना और असल में लताड़ना, आंखें खोलने वाला सच देखना ना भूलिए आज शाम 7 बजे @IndiaToday और रात 9 बजे @aajtak पर#DalitsNotAllowed pic.twitter.com/jJgY1SLs2t
— Rahul Kanwal (@rahulkanwal) December 26, 2018
इस मामले में भाजपा के प्रवक्ता और पूर्व वरिष्ठ पत्रकार शलकभ मणि त्रिपाठी ने दावे को गलत ठहराया है. उन्होंने कहा कि अगर राहुल कंवल का दावा सही होगा तो वे राजनीति छोड़ देंगे. वरना राहुल पत्रकारिता छोड़ दें.
आपने सभी के उत्थान के लिए काम करने वाली गोरक्षपीठ पर फर्जी और आहत करने वाले आरोप लगाए, आपका स्टिंग आपरेशन प्रायोजित व दुर्भावनापूर्ण है, दम है तो गोरखनाथ मंदिर में वह जगह दिखाइए जहाँ दर्शन के वक़्त जात पूछी जाती हो,आप दिखा पाए तो राजनीति छोड़ दूँगा, नहीं तो आप पत्रकारिता छोड़िए https://t.co/bBQUtCX86i
— Dr. Shalabh Mani Tripathi (@shalabhmani) December 26, 2018
ग़ौरतलब है कि इस स्टिंग में देश के कई अन्य मंदिरों में दलितों के प्रवेश को लेकर भेदभाव करने की बात सामने आई है. स्टिंग में दावा किया गया है कि वाराणसी के काल भैरव, भुवनेश्वर का लिंगराज मंदिर, आल्मोड़ा का जगेश्वर धाम जैसे मंदिरों में भेदभाव की जाती है.