जावेद अख़्तर और शबाना आज़मी ने रद्द किया पाकिस्तान दौरा, लिटरेचर कॉन्फ़्रेंस से मिला था आमंत्रण
पुलवामा आतंकी हमले से दु:खी होकर पाकिस्तान के एक साहित्यिक महोत्सव का अपना दौरा रद्द कर दिया है.
देश के जाने-माने लेखक और शायर जावेद अख़्तर ने पुलवामा आतंकी हमले से दु:खी होकर पाकिस्तान के एक साहित्यिक महोत्सव का अपना दौरा रद्द कर दिया है. उन्हें उनकी पत्नी शबाना आज़मी के साथ पाकिस्तान के कराची आर्ट काउंसिल में शामिल होने का निमंत्रण मिला था.
जावेद अख़्तर ने ट्विटर पर लिखा, “कराची आर्ट काउंसिल ने मुझे और शबाना को लिटरेचर कॉन्फ़्रेंस में शामिल होने के लिए पाकिस्तान बुलाया था. यह कार्यकर्म कैफ़ी आज़मी और उनकी कविताओं पर रखा गया था. हमने इस दौरे को निरस्त कर दिया है. 1965 में भारत-पाक युद्ध के समय कैफ़ी साहब ने एक कविता लिखी थी- “और फिर कृष्ण ने अर्जुन से कहा.”
Kranchi art council had invited. Shabana and me for a two day lit conference about Kaifi Azmi and his poetry . We have cancelled that . In 1965 during the indo Pak war Kaifi saheb had written a poem . “ AUR PHIR KRISHAN NE ARJUN SE KAHA “
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 15, 2019
आतंकी हमले में मारे गए सीआरपीएफ़ जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए जावेद अख़्तर ने ट्विटर पर लिखा कि मेरा सीआरपीएफ़ के जवानों के साथ खास संबंध रहा है. उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के समय लिखी गई अपनी कविता का भी ज़िक्र किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्ति की.
I have a special relation with CRPF. I have written Their anthem Before putting the pen to paper I met a number of CRPF officers n what ever I learned my respect admiration and love for these braves increased by many a fold Today I share the grief of the dear ones of the martyrs
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 14, 2019
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ़ के जत्थे पर हमला कर दिया. इसमें कम से कम 44 जवानों की मौत हो गई है. कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.