भाजपा का दोहरा चरित्र: मणिपुर से AFSPA हटाने की मांग कर चुकी है BJP, अब कांग्रेस की नियत पर उठा रही सवाल
2014 में भारतीय जनता पार्टी की मणिपुर इकाई ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद वह यहां से आफ्सपा कानून हटाएगी.
कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने घोषणापत्र में जम्मू कश्मीर से आफ्सपा कानून हटाने के वादे के बाद भारतीय जनता पार्टी लगातार सवाल खड़े कर रही है. लेकिन, सच्चाई यह है कि पूर्वोत्तर में अपनी ज़मीन बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने इसी तरह का रवैया अपनाया था. 2014 में भारतीय जनता पार्टी की मणिपुर इकाई ने वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद वह यहां से आफ्सपा कानून हटाएगी.
द हिन्दू की ख़बर के मुताबिक तब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे चाओबा थौनाओजाम ने यह घोषणा की थी. इस पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने कहा था कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहते हुए ही सबसे ज्यादा आफ्सपा कानून का उल्लंघन हुआ था.
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की तीन जगहों से भी आफ्सपा कानून को हटाया है. 1 दिसंबर 2014 को भारतीय जनता पार्टी के विधान पार्षद रमेश अरोड़ा ने भी आफ्सपा कानून की जरूरत को कम करने की बात कही थी.