आशा, आंगनवाड़ी हो या शिक्षामित्र, सबकी आवाज़ उठा रही हैं प्रियंका गांधी, ट्विटर पर शुरू किया #Sanchibaat कैंपेन
सोमवार को प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्र और अनुदेशकों की आवाज़ उठाई है.
कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने चुनावी मौसम में #sanchibaat (सांची बात) नाम की मुहिम शुरू की है. इसके तहत प्रियंका उत्तर प्रदेश के वंचित वर्ग के लोगों की आवाज़ उठा रही हैं. आंगनवाड़ी, आशा हो या शिक्षामित्र प्रियंका हर तबके की समस्याओं को प्रियंका गांधी ने अपनी इस मुहिम से जोड़ा है. इसी दिशा में उन्होंने सोमवार को अनुदेशकों की आवाज़ उठाई है.
ट्विटर पर प्रियंका गांधी ने लिखा है, “मैं लखनऊ में कुछ अनुदेशकों से मिली. उप्र के मुख्यमंत्री ने उनका मानदेय रु 8470 से रु 17,000 की घोषणा की थी. मगर आजतक अनुदेशकों को मात्र 8470 ही मिलता है. सरकार के झूठे प्रचार का शोर है, लेकिन अनुदेशकों की अवाज गुम हो गई.”
मैं लखनऊ में कुछ अनुदेशकों से मिली. उप्र के मुख्यमंत्री ने उनका मानदेय रु 8470 से रु 17,000 की घोषणा की थी। मगर आजतक अनुदेशकों को मात्र 8470 ही मिलता है. सरकार के झूठे प्रचार का शोर है, लेकिन अनुदेशकों की अवाज गुम हो गई. #Sanchibaat pic.twitter.com/aKrU45G973
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 25, 2019
इससे पहले प्रियंका गांधी ने शिक्षामित्रों की समस्या उठाई थी. सोमवार सुबह उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की मेहनत का रोज़ अपमान होता है, सैकड़ों पीड़ितों नें आत्महत्या कर डाली. जो सड़कों पर उतरे सरकार ने उनपर लाठियाँ चलाई, रासुका दर्ज किया. भाजपा के नेता टीशर्टों की मार्केट्टिंग में व्यस्त हैं, काश वे अपना ध्यान दर्दमंदों की ओर भी डालते.”
उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की मेहनत का रोज़ अपमान होता है, सैकड़ों पीड़ितों नें आत्महत्या कर डाली। जो सड़कों पर उतरे सरकार ने उनपर लाठियाँ चलाई, रासुका दर्ज किया। भाजपा के नेता टीशर्टों की मार्केट्टिंग में व्यस्त हैं, काश वे अपना ध्यान दर्दमंदों की ओर भी डालते। #Sanchibaat pic.twitter.com/eBeyNSt3va
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 25, 2019
रविवार को प्रियंका गांधी ने आशा कार्यकर्ताओं के बारे में लिखा था, “उत्तर प्रदेश की आशाकर्मी 9 महीनों के लिए एक गर्भवती महिला के स्वास्थ की जिम्मेदारी उठाती हैं, जिसके लिए उन्हें मात्र 600 रु मिलते हैं. भाजपा सरकार ने कभी उनकी मानदेय में बढ़ोतरी की सुध नहीं ली. उन्हें जुमले नहीं, जवाब चाहिए.”
उत्तर प्रदेश की आशाकर्मी 9 महीनों के लिए एक गर्भवती महिला के स्वास्थ की जिम्मेदारी उठाती हैं जिसके लिए उन्हें मात्र 600 रु मिलते हैं। भाजपा सरकार ने कभी उनकी मानदेय में बढ़ोतरी की सुध नहीं ली। उन्हें जुमले नहीं, जवाब चाहिए। #Sanchibaat pic.twitter.com/FlXR0A2e1k
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 24, 2019
रविवार को प्रियंका गांधी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को भी लिखा था. इसमें उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं राज्य कर्मचारी का दर्जा मांग रही हैं. भाजपा सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उनपर लाठियां चलवाई. मेरी बहनों का संघर्ष, मेरा संघर्ष है.”
उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ राज्य कर्मचारी का दर्जा माँग रही हैं। भाजपा सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उनपर लाठियाँ चलवाई। मेरी बहनों का संघर्ष, मेरा संघर्ष है।#Sanchibaat pic.twitter.com/0xsEOUw4YO
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 24, 2019
बता दें कि प्रियंका गांधी पूर्वी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की प्रभारी हैं. इस दौरान अपने चुनावी प्रचार में वह जनता और ख़ासकर निम्न-मध्यम वर्ग को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठा रही हैं. प्रियंका की इस मुहिम का लाभ कांग्रेस को आम चुनाव में हो सकता है.