आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनने के बजाय, भाजपा सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया: प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने कहा, “मेरी बहनों के संघर्ष मेरे संघर्ष हैं.”
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने रविवार को उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पीड़ा सुनने के बजाय उन पर लाठियां चलाई हैं.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं राज्य कर्मचारी का दर्जा मांग रही हैं. लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उनपर लाठियां चलवाई. उन्होंने कहा कि मेरी बहनों का संघर्ष, मेरा संघर्ष है.
उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ राज्य कर्मचारी का दर्जा माँग रही हैं। भाजपा सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उनपर लाठियाँ चलवाई। मेरी बहनों का संघर्ष, मेरा संघर्ष है।#Sanchibaat pic.twitter.com/0xsEOUw4YO
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 24, 2019
एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस महासचिव ने लिखा कि उत्तर प्रदेश की आशाकर्मी 9 महीनों के लिए एक गर्भवती महिला के स्वास्थ की जिम्मेदारी उठाती हैं जिसके लिए उन्हें मात्र 600 रु मिलते हैं. भाजपा सरकार ने कभी उनकी मानदेय में बढ़ोतरी की सुध नहीं ली. आशाकर्मियों को जुमले नहीं, जवाब चाहिए.
उत्तर प्रदेश की आशाकर्मी 9 महीनों के लिए एक गर्भवती महिला के स्वास्थ की जिम्मेदारी उठाती हैं जिसके लिए उन्हें मात्र 600 रु मिलते हैं। भाजपा सरकार ने कभी उनकी मानदेय में बढ़ोतरी की सुध नहीं ली। उन्हें जुमले नहीं, जवाब चाहिए। #Sanchibaat pic.twitter.com/FlXR0A2e1k
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 24, 2019
ग़ौरतलब है कि प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में अक्टूबर-2017 की घटना का जिक्र किया है. जब लखनऊ पुलिस ने धरने पर बैठी लगभग 3,500 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया था. 12 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, 2 फोटो जर्नलिस्ट समेत 2 महिला कांस्टेबल को इस लाठीचार्ज में चोटें आईं थी. धरने पर बैठी महिलाएं लगभग 5,000 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित करने समेत राज्य सरकार के कर्मचारियों के बराबर वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे. हालांकि सरकार ने अभी भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है.
बता दें कि पिछले महीने पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकार के विरोध के लिए दिल्ली में एकजुट हुए थे.