राहुल गांधी की ‘न्यूनतम आय गारंटी योजना’ भारत के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है: प्रशांत भूषण
प्रशांत भूषण ने कहा कि कार्पोरेट घरानों को टैक्स में दी जा रही कई गैर-ज़रूरी छूट को कम करके इस योजना के लिए आवश्यक फंड जुटाया जा सकता है.
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रस्तावित न्यूनतम आय गारंटी योजना भारत के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है.
इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट के ज़रिये न्यूनतम आय की गारंटी योजना प्रदान करने के तरीके और उसके लिये फंड जुटाने के रास्ते भी सुझाए.
The #MinimumIncomeGuarantee scheme proposed by @RahulGandhi could indeed be a game changer for the country. It could be done by extending MNREGA to all adults & for 150days/yr. You guarantee half yr employment at minimum wages. Also universal pension at half min wages for elderly
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 29, 2019
उन्होंने कहा कि मनरेगा का विस्तार कर के सभी वयस्कों के साल में 100 दिन के रोजगार को बढ़ाकर 150 दिन किया जा सकता है. साथ ही बज़ुर्गों को यूनिवर्सल पेंशन और न्यूनतम मजदूरी दी जा सकती है.
भूषण ने कहा कि कार्पोरेट घरानों को टैक्स में दी जा रही कई गैर-ज़रूरी छूट को कम करने से इस योजना के लिए आवश्यक फंड मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि इससे कल्याणकारी राज्य का निर्माण होगा.
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 28 जनवरी को मध्य प्रदेश से न्यूनतम आय की गारंटी योजना का ऐलान करते हुए कहा था कि 2019 चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस पार्टी हर गरीब व्यक्ति को गारंटी के तौर पर न्यूनतम आमदनी देगी.