राफ़ेल घोटाले में PM मोदी के ऊपर FIR दर्ज करने जा रहे थे आलोक वर्मा, इसलिए सरकार ने हटाया: प्रशांत भूषण
सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच विवाद के बाद मोदी सरकार ने आलोक वर्मा को लंबी छुट्टी पर भेज दिया था.
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी ने सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को पद से हटा दिया है. इस पर वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि आलोक वर्मा प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर एफ़आईआर दर्ज कराना चाहते थे, इसीलिए सरकार ने उन्हें हटा दिया है.
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने एक ट्वीट कर कहा है, “सीबीआई निदेशक का पद दोबारा संभालने के बाद आलोक वर्मा को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बनी एक उच्च स्तरीय कमिटी ने हटा दिया है. सरकार ने आलोक वर्मा का पक्ष सुने बिना ही फ़ैसला ले लिया. आलोक वर्मा राफ़ेल घोटाले मामले में प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर एफ़आईआर दर्ज करने जा रहे थे, मोदी सरकार राफ़ेल मामले में जांच से डरी हुई है.
Breaking! So, a day after he resumed charge as CBI Director, the Committee headed by Modi again transfers out Alok Verma post haste, w/o even hearing him, fearing the prospect of his registering an FIR against Modi in the Rafale scam! Such desperation to prevent any investigation
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) January 10, 2019
बता दें कि सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच विवाद के बाद मोदी सरकार ने आलोक वर्मा को लंबी छुट्टी पर भेज दिया था. बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिर से आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक पद पर बहाल कर दिया था. कोर्ट ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के फ़ैसले को नियमों का उल्लंघन बताया था.