महाराष्ट्र: भीमा कोरेगांव हिंसा के मुख्य आरोपी के ख़िलाफ़ प्रदर्शनरत दलितों पर पुलिस ने बरसाई लाठी, 30 गिरफ़्तार
संभाजी भिड़े शिवाजी मेमोरियल में 1200 किलो के सोने का सिंहासन स्थापित करने की अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए फंड जुटाने पहुंचे थे.
महाराष्ट्र के जलना में दक्षिणपंथी नेता संभाजी भिड़े की सभा के पास प्रदर्शन कर रहे दलितों पर पुलिस ने डंडे बरसाए हैं. पुलिस ने 30 लोगों को हिरासत में भी लिया है.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक़ भिड़े रायगड किले के शिवाजी मेमोरियल में 1200 किलो के सोने का सिंहासन स्थापित करने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना के लिए फंड जुटाने के लिए दौरे कर रहे हैं. कुछ हफ़्ते पहले इस कार्यक्रम की घोषणा होने के बाद संभाजी ब्रिगेड, अन्याय प्रतिकार दल, भारीप और पैंथर्स सेना जैसे संगठनों ने ज़िला प्रशासन से क्षेत्र में भिड़े के प्रवेश पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग की थी. इस मामले में प्रशासन को हाथ खींचता हुआ देख इन संगठनों ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया.
इस पूरी घटना के दौरान पुलिस की भारी संख्या प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की कोशिश में जुटी थी. लेकिन, उसी वक़्त भिड़े के शिव प्रतिष्ठान के सदस्य प्रदर्शनकारियों से भिड़ गए जिसकी वजह से दोनों समूह में टकराव का माहौल तैयार हो गया. इस क्रम में पुलिस ने दलित संगठनों के लोगों पर लाठी चार्ज किया और उसके बाद अलग-अलग संगठनों के 30 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
ज्ञात हो कि भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में भिड़े मुख्य आरोपियों में से एक हैं और इस मामले में क्षेत्र के कई दलित संगठन लगातार उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.