“देश में फैल चुका है सांप्रदायिकता का ज़हर, क़ानून को हाथ में लेने की मिली है खुली छूट”… नसीरुद्दीन शाह ने जताई चिंता; देखें विडियो
नसीरूद्दीन शाह ने कहा कि मुझे अपनी औलाद की फ़िक्र होती है, क्योंकि हमने अपने बच्चों को मज़हबी ज्ञान नहीं दिया है.
देश में चल रहे मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक हिंसा से सभी तपके के लोग परेशान हैं. हर जगह एक डर का माहौल देखने को मिल रहा है. हिंदी फ़िल्म जगत के मशहूर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने अपने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अब देश में सांप्रदायिकता का ज़हर फैल चुका है. कुछ लोगों को क़ानून हाथ में लेने की खुली छूट मिल गई है.
कारवां-ए-मोहब्बत से बातचीत में शाह ने देश में बढ़ रहे सांप्रदायिक माहौल के बारे में बात करते हुए कहा, “इन बातों से मुझे डर नहीं लगता है, ग़ुस्सा आता है. और मैं चाहता हूँ कि हर सही सोच रखने वाले व्यक्ति को ग़ुस्सा आना चाहिए, डर नहीं लगना चाहिए. हमारा घर है हमें कौन निकाल सकता है यहां से?”
बुलंदशहर में गौकशी की अफ़वाह से हुए हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की मौत को लेकर शाह ने कहा, “एक गाय के मौत को पुलिस अफसर के मौत के बनिस्बत ज़्यादा अहमियत दी जा रही है.”
साम्प्रदायिकता और मॉब लिंचिंग के लगातार बढ़ रहे मामलों को लेकर शाह ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों के लिए डर लगता है. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को किसी तरह की धार्मिक सीख या परवरिश नहीं दी. उनका मानना है कि अच्छाई और बुराई का धर्म से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा, “फ़िक्र मुझे अपने बच्चों के बारे में होती है, क्योंकि कल को एक भीड़ ने उन्हें घेर लिया कि तुम हिन्दू हो या मुस्लमान, तो उनके पास तो कोई जवाब ही नहीं होगा.”
इस तरह के सांप्रदायिक माहौल पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की फ़िक्र होती है कि हालत जल्दी सुधरते हुए तो नज़र नहीं आ रहे.”