सांप्रदायिकता की आंच पर पक रही प्रधानमंत्री की राजनीति: राहुल गांधी के बयान को तोड़ मरोड़ कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में कहा कि कांग्रेस ने उनपर फतवा जारी किया है कि उन्हें अपने भाषणों में भारत माता की जय नहीं बोलना चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार में झूठा और सांप्रदायिक बयान दिया है. राजस्थान के सीकर में भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए उन्होंने राहुल गांधी के बयान को लेकर झूठ बोला. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने उनपर फतवा जारी किया है कि उन्हें भारत माता की जय से अपनी रैली की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस फतवा लेकर आई है कि मुझे भारत माता की जय के साथ रैलियों को शुरू नहीं करना चाहिए. वे इससे कैसे इनकार कर सकते हैं. कांग्रेस को ऐसी बात कहने के लिए शर्मिंदा होना चाहिए. यह हमारी मातृभूमि का अपमान है.”
Congress has come up with a "fatwa" that I should not begin rallies with "Bharat Mata Ki Jai"… How can they deny this? They must be ashamed of even saying such a thing. This shows their disrespect for our motherland: PM @narendramodi in Sikar#RajasthanElections pic.twitter.com/X9q23rgmAO
— The Times Of India (@timesofindia) December 4, 2018
जबकि राहुल गांधी ने अपने मूल भाषण में कहा था कि प्रधानमंत्री “भारत माता की जय” के साथ हर भाषण शुरू करते हैं. लेकिन, अनिल अंबानी, मेहुल चौकसी और नीरव मोदी जैसे उद्योगपति के लिए काम करते हैं. गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को अनिल अंबानी की जय, मेहुल चौकसी की जय, नीरव मोदी की जय’ के साथ अपना भाषण शुरू करना चाहिए.
#WATCH: Rahul Gandhi in Alwar Rajasthan: PM Modi says 'Bharat Mata ki Jai' before every speech, he should instead say 'Anil Ambani ki jai, Mehul Choksi ki jai, Nirav Modi ki jai, Lalit Modi ki jai'. If you talk of Bharat Mata then how can you forget our farmers? pic.twitter.com/f1R6Sxz5iR
— ANI (@ANI) December 4, 2018
प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी के बयान में फतवा शब्द जोड़कर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश भी की.