डिस्लेक्सिया पीड़ितों का PM मोदी ने उड़ाया मज़ाक, सीताराम येचुरी बोले- 70 सालों में किसी प्रधानमंत्री ने नहीं दिए ऐसे बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने डिस्लेक्सिया नामक मानसिक बीमारी के शिकार लोगों का जाने अनजाने में मजाक उड़ाया है, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने डिस्लेक्सिया नामक मानसिक बीमारी के शिकार लोगों का जाने अनजाने में मजाक उड़ाया है. एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बीमारी से जूझ रहे लोगों को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है.
क्या है मामला
सत्य हिन्दी के मुताबिक़ बीते शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2019’ नामक कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे. इसी कार्यक्रम में विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून की एक छात्रा ने बताया कि उसके पास एक ऐसी योजना है, जिससे मानसिक रोग डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों को काफी राहत होगी. इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने हंसते हुए कहा कि क्या यह योजना 40-50 साल के बच्चों के लिए भी लागू हो सकेगी. छात्रा ने जब हां में जवाब दिया, तो प्रधानमंत्री ठहाके लगाने लगे. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इससे तो ऐसे बच्चों की मां बहुत खुश हो जाएगी.’
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को लोगों ने असंवेदनशीलता के तौर पर देखा और इसके ख़िलाफ़ कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज़ उठाई.
सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि इस तरह का बयान बेहद शर्मनाक है. हमारे किसी रिश्तेदार, बच्चों को भी यह बीमारी हो सकती है. सत्तर साल में पहली बार इतनी मूर्खतापूर्ण बातें करने वाले आदमी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे देखा है.
Shameful and distressing. Some of us have dyslexic or disabled relatives, friends, children and parents. Sattar saal mein pehli baar, a person with this crassness occupies the chair of the PM. Enough, Mr Modi. Yeh hain sanskar aapke? https://t.co/8wBvtjPy7q
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) March 3, 2019
वहीं, संसद के पूर्व सदस्य शाहिद सिद्दकी ने बताया कि उनकी बेटी तान्या इस बीमारी की शिकार हैं और उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. वह अपनी अक्षमताओं के साथ सिखने की पूरी कोशिश कर रही है. मैं नहीं चाहता की कोई उसे कम आंके. मैंने एक सांसद के तौर पर विशेष क्षमता रखने वाले लोगों की लड़ाई लड़ी है और यह आगे भी जारी है.
My daughter Tania is a special person and I am proud of her,she is doing her best to coop with learning disabilities& I won’t allow anyone to look down upon her,however exalted that person may be. I fought for the rights of differently abled as a MP & continue to do so pic.twitter.com/iFU5oCR4cz
— shahid siddiqui (@shahid_siddiqui) March 3, 2019
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता जयंत जिज्ञासु नाम के ट्विटर यूज़र ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान उनकी घिनौनी, ओछी, नीच और बीमार मानसिकता के बारे में बताता है.
प्रधानमन्त्री ने जिस तरह से डिस्लेक्सिया के बारे में बात कर रहे बच्चे की संज़ीदा बात को बेहद फूहड़ तरीक़े से राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर भद्दी टिप्पणी के लिए इस्तेमाल किया, वह उनकी घिनौनी, ओछी, नीच और रुग्ण मानसिकता को बतलाता है।#BiharRejectsModi
— Dr. Jayant Jigyasu (@jayantjigyasu) March 3, 2019