सेना में फंड की कमी, यात्रा भत्ता देने पर अस्थायी रोक, सैन्य बलों ने जमकर किया हंगामा
पीसीडीए का कहना है कि पैसे की कमी की वजह से यात्रा भत्ते को पर्याप्त धन न मिलने तक आगे जारी नहीं रख सकते.
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रिंसिपल कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट (पीसीडीए) ने कहा कि पैसों की कमी की वजह से सैन्य अधिकारियों को यात्रा भत्ता नहीं दिया जा सकता है. सेना ने इस बात पर नाराज़गी जाहिर करते हुए जमकर हंगामा किया.
दरअसल पीसीडीए ने अपनी वेबसाइट पर एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि बीट, असाइनमेंट और पोस्टिंग पर जाने वाले अस्थाई और स्थाई ड्यूटी के सैन्य अधिकारियों को टीए/ डीए (यात्रा भत्ता), एडवांस और क्लेम पर्याप्त धन न मिलने तक संसाधित नहीं किया जा सकता है.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार अधिसूचना जारी होने के बाद से सेना के अधिकारियों में खासी नाराज़गी है. एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि यह संभावित रूप से सेना के दिन प्रतिदिन के कामकाज को प्रभावित कर सकता है.
ग़ौरतलब है कि सभी अधिकारियों, जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) और जवानों के कुल परिवहन और दूसरे खर्चों के लिए हर साल 4,000 करोड़ रुपए खर्च होते हैं. लेकिन पीसीडीए द्वारा सिर्फ 3,200 करोड़ रुपए दि गए जो कि चालू वित्त वर्ष में खत्म हो चुके हैं. तत्काल संकट से निपटने के लिए कुछ धन आवंटित किया जा रहा है. लेकिन सारी जरूरतों को पूरा करने के लिए और धन की आवश्यकता होगी.
हालांकि सैन्य अधिकारियों के हंगामे को देखते हुए बीते सोमवार शाम पीसीडीए ने अपनी वेबसाइट से अधिसूचना को हटा दिया है.