बिहार: प्रधानमंत्री मोदी की वादाखिलाफी से नाराज़ आशा कार्यकर्ता हज़ारों की संख्या में कर रहे हैं पटना में प्रदर्शन
सितंबर महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश की आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी.
बिहार की राजधानी पटना में हज़ारों की संख्या में गुरूवार, 13 दिसम्बर को आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है. बीते 1 दिसम्बर से राज्य की करीब एक लाख आशा कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं.
दसियों हज़ार #आशा का आज #पटना में @NitishKumar के समक्ष प्रदर्शन जारी है।सरकारी कर्मी का दर्जा देने,18000 मानदेय लागू करने व अन्य मांग पर राज्य की एक लाख #आशा 1 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है और स्वास्थ्य मंत्री #मंगल_पांडेय बिहार को बदहाली में छोड़ अमेरिका रवाना हो गए है। pic.twitter.com/j4GlceKUKl
— RANVIJAY KUMAR (@ranvijayml) December 13, 2018
प्रदेश की आशा कार्यकर्ताएं सरकारी कर्मी के दर्जे, मानदेय लागू करने एवं अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शनरथ हैं. गौरतलब है कि इस साल के सितंबर महीने में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश की आशा,आंगनबाड़ी और एएनएम कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी. उन्होंने कहा था, “जिन लोगों को 3000 रुपए हर महीने मिलते हैं उन्हें अब 4500 रुपए का भुगतान किया जाएगा. और जिन्हें2200 रुपए मिलते हैं उन्हें 3500 रुपए दिए जाएंगे.” प्रधानमंत्री ने इस फ़ैसले को आशा कार्यकर्ताओं के लिए दिवाली गिफ्ट बताया था.
लेकिन दिसम्बर के महीने तक भी इस घोषणा पर कोई कार्यवाही नहीं हुई. ऐसे में प्रदेश के लगभग एक लाख आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया. इस हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य केन्द्रों पर ताले लटक गए हैं और स्वास्थ्य विभाग के कामों पर बुरा प्रभाव पड़ा है.
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