जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए आज़ादी क्यों नहीं?: पी. चिदंबरम ने नेताओं की गिरफ़्तारियों पर उठाए सवाल
“आख़िर क्यों अलगावादियों और उग्रवादियों से लड़ने वाले नेताओं को घर में क़ैद कर दिया गया है?”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने स्वतंत्रता दिवस के दिन जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं की गिरफ्तारियों को लेकर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सवाल किया कि आख़िर क्यों जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को आज़ादी से वंचित रखा गया है.
एक ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, “आख़िर 6 अगस्त से ही क्यों जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को आज़ादी से वंचित रखा गया है. क्यों दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को एक आभासी कालकोठरी की सज़ा दी गई है और एक को घर के अंदर ही गिरफ़्तार कर रखा गया है?”
चिदंबरम ने ट्वीट में आगे सवाल किया कि, “आख़िर क्यों अलगावादियों और उग्रवादियों से लड़ने वाले नेताओं को घर में क़ैद कर दिया गया है?”
Why is freedom being denied to three former CMs of J&K since August 6th?
Why are two former CMs under virtual solitary confinement and one former CM under house arrest?
Why are political leaders who fought secessionists and militants locked up?
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 15, 2019
बता दें कि धारा 370 हटाने के बाद मोदी सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्ला को गिरफ़्तार कर रखा है. साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की मानें तो उन्हें घर के अंदर ही क़ैद कर दिया गया है.