आईटी सेल का खेल: राहुल गांधी के पुराने विडियो को इस्लाम अपनाने के दावे के साथ वायरल किया
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“चुनाव ख़त्म होते ही अपने असली रंग में आ गये जनेऊधारी राहुल बाबा”
,इस दावे के साथ 17 दिसंबर, 2018 से ट्विटर और फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में राहुल गाँधी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ नमाज़ पढ़ते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हाल के चुनाव ख़त्म होने के बाद का है.
आशीष मेहता नाम के व्यक्ति द्वारा पोस्ट किये गए इस वीडियो को 7 हजार से ज्यादा बार देखा गया है तो 500 से अधिक शेयर किया गया है. एक जैसे दावे के साथ इस वीडियो को मोदीनामा, सोशल तमाशा, India272+
फेसबुक पेज सहित कई बीजेपी समर्थक यूजर्स ने पोस्ट किया है. मोदीनामा और इंडिया272 पेज के 19 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं तो सोशल तमाशा पेज के 1 लाख से ज्यादा. तीनो ही पेज से पोस्ट किये गए इस वीडियो को कुल मिलाकर 5 लाख से ज्यादा बार देखा और लगभग 13 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चूका है.
कई मौकों पर गलत जानकारी फ़ैलाने वाला फेसबुक पेज द इंडिया आई ने भी इस वीडियो को इसी दावे से पोस्ट किया है, जिसे 53 हजार से ज्यादा बार देखा जा चूका है.
क्या है सच्चाई?
अधिकांश फेसबुक पेज अपने पोस्ट के साथ अपना लोगो भी लगाते हैं, वीडियो में दिख रहा लोगो Argumentative Indian है. हमने इस कीवर्ड्स से फेसबुक पर खोज की तो हमें इस नाम और वैसा ही लोगो वाला एक फेसबुक पेज मिला, जिस पेज से सबसे पहले यह वीडियो शेयर किया गया था. इस पेज के 10000 फॉलोअर्स हैं. पोस्ट किये गए इस वीडियो के कमेंट्स सेक्शन में राजेश यादव नाम के यूजर ने YouTube का लिंक शेयर करते हुए लिखा है कि वीडियो 2 साल पुराना है.
कमेंट्स में दिया गया लिंक 10 दिसम्बर, 2016 की सहारा समय समाचर चैनल के रिपोर्ट का है, जिसमें कहा गया है, “उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर के शिवबाबा में खाटसभा करने के बाद राहुल गाँधी विश्व प्रसिद्ध दरगाह शरीफ कीछौचा पहुंचे और मखदूम साहब की माजर पर चादर पेश कर अमन चैन की दुआ मांगी.”
इस खबर को 10 सितम्बर, 2016 को आज तक ने भी “राहुल गांधी ने अंबेडकरनगर की प्रसिद्ध किछौछा शरीफ की दरगाह में चढ़ाई चाद” शीर्षक के साथ रिपोर्ट किया था.
हाल के चुनाव परिणाम आने के बाद से ही राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है. चाहे वह पुराने वीडियो का संदर्भ बदलकर हो या वीडियो को क्लिप कर दिया गया हो. ऑल्ट न्यूज़ ने बताया था कि किसी तरह दो अलग वीडियो को क्लिप कर राहुल गाँधी को किसान के कर्ज माफ़ी से मुकरता हुआ दिखाया गया था.



