ओडिशा: विधानसभा चुनाव में बीजद ने लहराया परचम, लगातार पांचवीं बार सत्ता में शानदार वापसी
बीजद ने राज्य की 146 विधानसभा सीटों में से 112 सीटों पर जीत हासिल की है.
ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल(बीजद) विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल कर प्रदेश में लगातार पांचवीं बार सरकार बनाने जा रहा है. बीजद ने राज्य की 146 विधानसभा सीटों में से 112 सीटों पर जीत हासिल की है. पार्टी ने विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करते हुये एक बार फिर अपनी जीत का परचम लहराया.
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गंजम जिले के हिंजिली और पश्चिम ओडिशा के बीजेपुर निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की.
भाजपा ने इस बार ओडिशा में बेहतर प्रदर्शन किया है, पार्टी ने 23 सीटें हासिल की हैं, जबकि कांग्रेस ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की है. माकपा और एक निर्दलीय ने एक-एक सीट हासिल की है.
विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल करने वाले बीजद के एस एन पात्रा, उषा देवी, बिक्रम केशरी अरुख, प्रफुल्ल सामल और नृसिंह साहू सहित कई मंत्रियों ने भारी जीत दर्ज की है.
राज्य की 147 विधानसभा सीटों में से 146 सीटों के लिए मतदान हुआ था, क्योंकि पटकुरा में चुनाव दो बार स्थगित किया गया. पहले एक उम्मीदवार की मृत्यु के बाद और फिर चक्रवात फोनी के कारण चुनाव को स्थगित किया गया.
सरकार के मुख्य सचेतक और पूर्व मंत्री अमर प्रसाद सतपथी बरचाना विधानसभा सीट से जीते, जबकि मंत्री प्रफुल्ल मल्लिक ने अपने गृह क्षेत्र कामाख्यानगर पर कब्जा बरकरार रखा.
हालांकि, बीजद के कद्दावर नेता और मंत्री महेश्वर मोहंती को, पुरी विधानसभा सीट पर भाजपा के जयंत कुमार सारंगी के हाथों हार का सामना करना पड़ा.
भगवा पार्टी राज्य में मुख्य विपक्ष के रूप में उभरी है.
पार्टी के पास निवर्तमान सदन में 10 सीटें हैं.
हालांकि, भाजपा के दिग्गज और पूर्व मंत्री जय नारायण मिश्रा ने संबलपुर सीट पर बीजद के विधायक रासेश्वरी पाणिग्रही को हराया, लेकिन राधारानी पांडा और रबी नाइक समेत भगवा पार्टी के कई दिग्गजों को हार का मुँह देखना पड़ा.
कांग्रेस ने सिर्फ नौ सीटें हासिल की हैं और उसे राज्य में जबर्दस्त झटका लगा है. इस पार्टी के निवर्तमान सदन में 16 विधायक हैं.
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख निरंजन पटनायक ने शुक्रवार को भंडारदीपोखरी में अपनी हार और राज्य में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया.