मोदी सरकार ने बदला अपना फै़सला, अब एनआरआई भी आरटीआई से ले सकते हैं जानकारी
सरकार ने पहले कहा था कि वह विदेशों में रहने वाले भारतीय को आरटीआई के तहत सूचना देने को प्रतिबद्ध नहीं है.
सूचना का अधिकार कानून का लाभ प्रवासी भारतीयों को देने को लेकर मोदी सरकार ने अपना फ़ैसला बदल दिया है. अब विदेशों में रहने वाले भारतीय भी आरटीआई कानून के तहत आवेदन दायर कर सूचना हासिल कर सकते हैं. इससे पहले सरकार ने कहा था कि वह आरटीआई कानून के तहत एनआरनी समुदाय को सूचना देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है.
लोकसभा में 8 अगस्त, 2018 को एक सवाल के जवाब में राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा था कि प्रवासी भारतीय सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन देने के लिए पात्र नहीं हैं. लेकिन, जब आरटीआई कार्यकर्ता सेवानिवृत कोमोडोर लोकेश बत्रा ने लिखा कि पारदर्शिता कानून के तहत हर भारतीय को सूचना पाने का अधिकार है, तब लोकसभा में जितेन्द्र सिंह का बयान बदल दिया गया.
इस मामले में पहली प्रतिक्रिया देते हुए मंत्रालय ने कहा था, ‘सिर्फ भारतीय नागरिकों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचनाएं मांगने का अधिकार है. एनआरआई आरटीआई के तहत अर्जी देने के लिए पात्र नहीं हैं.’
द वायर की एक ख़बर के मुताबिक़ जितेन्द्र सिंह के बयान में सुधार कर लोकसभा की वेबसाइट पर फिर से अपलोड कर दिया गया है. अब सरकार ने कहा है कि एनआरआई भी आरटीआई दाख़िल कर सकते हैं.
बीते आठ अगस्त को जीतेंद्र सिंह ने यह भी बताया था कि देश के नागरिक केंद्र की 2200 सरकारी विभाग में ऑनलाइन आरटीआई दायर कर सकते हैं. कोई भी भारतीय नागरिक इस लिंक (https://rtionline.gov.in/ index.php) पर जा कर ऑनलाइन आरटीआई दाखिल कर सकते हैं