नवोदय विद्यालय में दलित-आदिवासी छात्रों पर अत्याचार? पिछले 5 सालों में 25 छात्रों ने की ख़ुदकुशी
2013 से 2017 के बीच कुल 49 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिसमें 25 छात्र दलित-आदिवासी है.
देश के जानेमाने शिक्षण संस्थान जवाहर नवोदय विद्यालय में बड़े पैमाने पर छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की ख़बरें सामने आ रही है. पिछले पांच सालों में देशभर में 49 छात्रों ने आत्महत्या की है, इनमें आधे से ज्यादा छात्र दलित और आदिवासी बताए जाते हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक आरटीआई द्वारा इस बात का खुलासा हुआ है कि 2013 से मार्च 2017 तक देश के कुल 635 नवोदय विद्यालय में 49 छात्रों ने आत्महत्या की है. रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में 14, 2016 में 12, 2015 में 8, 2014 में 7 और 2013 में 8 छात्रों ने आत्महत्या की थी.
इस रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या करने वाले छात्रों में 24 सामान्य, 16 अनुसूचित जाति, 9 अनुसूचित जनजाति के बताए जाते हैं.
ग़ौरतलब है कि 1986 में केंद्र सरकार ने नवोदय विद्यालय की स्थापना की थी. इसमें 70 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण छात्रों को मुफ़्त शिक्षा दी जाती है. यह पूरी तरह से आवासीय विद्यालय है. प्राइवेट स्कूलों की अपेक्षा नवोदय विद्यालयों का प्रदर्शन पिछले सालों में काफी उत्साहजनक रहा है. दूसरी ओर नवोदय विद्यालयों से आए दिन रैंगिंग की ख़बरें सामने आती रहती है.