‘नया नाम मुझे हिंसक भीड़ से बचाएगा’: मोदी सरकार में बढ़ती नफरत के कारण मध्य प्रदेश का मुस्लिम अधिकारी बदलना चाहता है नाम
नियाज़ ख़ान ने कहा कि, ‘वह ख़ुद को नफ़रत की तलवार से बचाना चाहते हैं इसलिए नाम बदलना जरुरी है.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के पहले महीने में मुसलमानों के ख़िलाफ़ सांप्रदायिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आई. देश में बढ़ती मॉब लींचिंग की घटनाओं से परेशान मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार में एक मुस्लिम अधिकारी अपना नाम बदलना चाहता है. बीते शनिवार को वरिष्ठ अधिकारी नियाज़ ख़ान ने लगातार कई ट्विट कर देश में मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा पर अपना डर व्यक्त किया.
अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि, ‘वह पिछले 6 महीने से ख़ुद के लिए एक नया नाम ढूंढ रहे हैं, ताकि वह अपनी मुस्लिम पहचान को छिपा सके. नियाज़ ख़ान ने कहा कि, ‘यदि वह ख़ुद को नफ़रत की तलवार से बचाना चाहते हैं तो यह जरुरी है.’
उन्होंने कहा कि, ‘नया नाम मुझे हिंसक भीड़ से बचाएगा.’
For the last six months I am looking for a new name for this book and for myself so that I could hide my Muslim identity. To save myself from the sword of hate it is must pic.twitter.com/gjiTVOhxAP
— NIYAZ KHAN (@saifasa) July 6, 2019
नियाज़ ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि, ‘भीड़ को नकली नाम बताकर आसानी से नफ़रत और हिंसा से दूर हो सकते हैं. क्योंकि, उनकी उपस्थिती एक विशिष्ट मुस्लिम की तरह नहीं दिखती है, जो इस्लामी टोपी व कुर्ता पहनते हैं और दाढ़ी रखते हैं.’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘हालांकि, उनके भाई के साथ ऐसा नहीं है. यदि मेरा भाई पारंपरिक कपड़े पहनता है, दाढ़ी रखता है तो वह सबसे खतरनाक स्थिती में हैं.’
https://twitter.com/saifasa/status/1147434357616865280
ख़ान ने अपने अगले ट्वीट में कहा कि, ‘कोई भी संस्था उनकी रक्षा करने में सक्षम नहीं है. इसलिए अपना नाम बदल लेना ही बेहतर है.’इसके अलावा ख़ान ने मुस्लिम समुदाय के अभिनेताओं को फिल्मों की सुरक्षा के लिए नया नाम खोजने की सलाह दी.
नियाज़ खान ने लिखा है कि, ‘मेरे समुदाय के बॉलीवुड अभिनेताओं को भी अपनी फिल्मों की रक्षा के लिए नया नाम ढूंढना शुरु करना चाहिए. अब तो शीर्ष सितारों की फिल्में भी फ्लॉप होने लगी हैं. उन्हें इसका मतलब समझना चाहिए.’
https://twitter.com/saifasa/status/1147435266296037377?
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब नियाज़ ने भेदभाव की बात की है. जनवरी में भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चित हुए थे. दरअसल, उन्होंने कहा था कि, ‘भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण उन्हें हमेशा अपनी सेवा में अछूत की तरह महसूस होता है. ख़ान उपनाम ने भूत की तरह उनका पिछा किया है.’