मध्यप्रदेश: दो सालों से नहीं मिला पोषाहार भत्ता, आदिवासी महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन
महिलाओं द्वारा तहसीलदार को सौंपे ज्ञापन में बताया गया है कि सरकार ने दो साल से पोषण आहार के लिए एक भी रुपए नहीं दिए. जबकि हम एक हज़ार रुपए पाने के हक़दार हैं.
मध्यप्रदेश में सरकार बदल गई लेकिन शासन द्वारा संचालित आदिवासी कल्याण योजना की सूरत नहीं बदली. दरअसल, इस योजना के तहत आदिवासी महिलाओं को पोषण आहार के लिए दी जाने वाली प्रतिमाह एक हज़ार रुपए की राशि दो सालों से अटकी पड़ी है. आगे मिलेगा इसका भी प्रशासन के तरफ़ से कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है.
पत्रिका की ख़बर के मुताबिक़ मध्यप्रदेश के डबरा ज़िले के कई गांव की महिलाएं कई बार तहसील आकर राशि न मिलने की पीड़ा अफ़सरों को सुना चुकी हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. अब मजबूरन महिलाओं को अपने हक़ के लिए रैलियां निकालनी पड़ रही है.
सोमवार को योजना से वंचित महिलाएं भितरवार तहसील पहुंची और विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर योजना का लाभ दिलाने की मांग की. ज्ञापन में बताया गया है कि सरकार ने दो साल से पोषण आहार के लिए एक भी रुपए नहीं दिए. जबकि हम एक हज़ार रुपए पाने के हक़दार हैं.
महिलाओं का आरोप है कि कई पंचायतों में योजना का पैसा मिला है तो कहीं दो साल से कुछ नहीं मिला है. इस प्रकार की अनियमितता ठीक नहीं.