खाद के बाद अब मध्यप्रदेश में बिजली का संकट! केंद्र ने रोकी कोयला सप्लाई
इससे पहले मोदी सरकार ने अचानक से मध्यप्रदेश में खाद की सप्लाई कम कर दी थी जिसके कारण किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा था.
मध्यप्रदेश में खाद के बाद अब बिजली संकट पैदा हो सकता है. कांग्रेस के मुताबिक केंद्र की मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश में अचानक से कोयला की सप्लाई रोक दी है, जिसके कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है. प्रदेश के पावर-प्लांट में एक-दो दिन का कोयला बचा है.
बिजली कंपनियों का दावा है कि प्रदेश में खेती के लिए 13 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत है. जबकि इस मात्रा में कोयला की सप्लाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण बिजली संकट पैदा हो सकता है. न्यूज़18 के मुताबिक प्रदेश के थर्मन प्लांट में एक-दो दिन का कोयला बचा है.
बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार ने खाद की सप्लाई में कमी कर दी थी, जिसके कारण कई किसान सड़कों पर उतर आए थे. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कई बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रियों से संपर्क किया. उन्होंने कहा था कि चुनाव हारने के बाद भाजपा आम लोगों के ऊपर बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. इधर, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खाद एवं रसायन मंत्री सदानंद गौड़ को पत्र लिखा था. उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने दिसंबर महीने में 4.1 लाख मीट्रिक टन खाद की मंजूरी दी थी, लेकिन अभी तक राज्य को 1.8 लाख मीट्रिक टन खाद ही पहुंचाया गया है.
मध्य प्रदेश में भाजपा के 15 साल के कुशासन में कृषि संकट ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ कर रख दी है – अब जब हम अन्नदाताओ की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं तो केंद्र सरकार खाद उपलब्ध नही करवा रही है। pic.twitter.com/pFj9nafnvh
— Jyotiraditya Scindia (@JM_Scindia) December 22, 2018
फिलहाल केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश में खाद सप्लाई की समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया है, दूसरी ओर बिजली का संकट अपना रूप अख्तियार कर रहा है.