मध्यप्रदेश: 6 किसानों की मृत्यु से नाराज़ कृषक समाज, कहा – आगामी चुनाव में हर्जाना भुगतने के लिए तैयार रहे भाजपा
किसानों ने कहा – न कोई विकास कार्य हुआ और न ही फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिला
मंदसौर के किसानों में भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ खासा क्रोध व्याप्त है. ज़िले में चार विधानसभा सीटों में से तीन भाजपा की हैं. लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान भाजपा सरकार ने किसानों की एक न सुनी और न ही उन्हें फ़सलों के सही मूल्य दिए. इसे लेकर ज़िले के किसानों ने भाजपा को इसका अंजाम भुगतने की चेतावनी दे दी है.
ईनाडु की ख़बर के अनुसार किसानों ने कहा, “पिछले साल आंदोलन में हमारे छह किसान भाइयों की मौत हुई थी जिसका नुकसान भाजपा को इन चुनावों में भुगतना पड़ेगा. किसानों ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं ने पिछले दस सालों में कोई काम नहीं किया. उन्हें फ़सलों के सही दाम भी नहीं दिए गए.
कांग्रेस ने भी भाजपा के विधायकों को आड़े हाथ लेते हुए कहा, “भाजपा विधायक पांच साल बाद जनता के बीच जाकर हाथ जोड़कर राम-राम बोल कर निकल जाते हैं. भाजपा के खाते में विकास के नाम पर कुछ नहीं है.”
गौरतलब है कि मंदसौर में भाजपा को केवल किसानों की नाराज़गी का ही सामना नहीं करना पड़ रहा है.ज़िले में आठ साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार को लेकर महिला वर्ग भी भाजपा से खफ़ा है,जिसका हर्जाना भाजपा को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ सकता है. ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में 28 नवम्बर को विधानसभा के चुनाव होंगे जिनके नतीजे 11 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे.