उत्तर प्रदेश: भूख की वजह से 200 से अधिक गायों ने दम तोड़ा
न्यूज़क्लिक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 1 जनवरी से 7 मार्च के बीच कम से कम 200 आवारा गायों की मौत हुई है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आवारा गायों को आश्रय गृहों में भेजने के फ़ैसले के बावजूद ग्रेटर नोएडा में पिछले दो महीनों में 200 गायों की मौत हो गई है. मौत का कारण चारे की कमी और भूख बताया गया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव स्थित गौ-लोक आश्रय गृह में 1 जनवरी से 7 मार्च के बीच कम से कम 200 आवारा गायों की मौत हो गई है.
न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट के मुताबिक उक्त आश्रय गृह गोरस फाउंडेशन नामक एक एनजीओ द्वारा चलाया जाता है. पिछले कुछ महीनों से योगी आदित्यनाथ के आदेश पर राज्य के अलग अलग हिस्से से आवारा पशुओं को लाकर रखा जा रहा है. लेकिन, यहां चारे की सुमचित व्यवस्था नहीं है. यहां पशुओं के रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. अमर उजाला ने लिखा है कि ग्रेटर नोएडा के इस आश्रय गृह में हर रोज औसतन चार-पांच आवारा गाय मर रही हैं.
बता दें कि 2019-20 का बजट पेश करते हुए योगी सरकार ने गौ रक्षा के लिए 447 करोड़ रुपए आवंटन करने की बात कही थी, जिसमें 247 करोड़ रुपए गौशाला के रखरखाव और निर्माण के लिए थे. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कान्हा गौशाला और निराश्रित मवेशी आश्रय योजना के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे. योगी सरकार ने गाय और गोवंश पशुओं की देखभाल के लिए धन जुटाने के मकसद से उत्पाद शुल्क सहित विभिन्न विभागों के राजस्व पर एक गौ रक्षा कर लगाने का प्रावधान भी रखा था.
गौ लोक के कार्यवाहक नागेंद्र कुमार ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि अधिकारियों ने 1 जनवरी के बाद से ही ‘गोरस फाउंडेशन’ द्वारा चलाए जा रहे आश्रय में आवारा पशुओं को भेजना शुरू कर दिया था. पहले यहां 450 सांढ रहते थे, लेकिन अब तक यहां रहने वाले पशुओं की संख्या 1,250 हो गई है. हम हर दिन कम से कम चार गायों की मौत देख रहे हैं और अब तक 200 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है.”
नागेंद्र कुमार ने बताया कि “कई आवारा मवेशी जिन्हें हमारी शरण में लाया जाता है, वे बीमार भी होते हैं. लेकिन, हमारे यहां केवल एक पशु चिकित्सक है. ऐसे में ईलाज कराना मुश्किल होता है.”
न्यूज़क्लिक को मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीप चंद ने नागेंद्र कुमार की रिपोर्ट को खारिज़ करते हुए कहा है, “यह सच नहीं है कि पिछले दो महीनों में 200 गायों की मौत हो गई. गौ लोक में, हमारे पास अस्थायी व्यवस्था है और बहुत जल्द हम पूरी तरह से आश्रय गृहों को उचित शेड उपलब्ध कराएंगे. इन आश्रय गृहों में सभी प्रकार के पशु चिकित्सक भी होंगे.”
उत्तर प्रदेश में 510 पंजीकृत गौ आश्रय हैं. 2012 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग दो करोड़ गायें थीं.