ना पानी-बिजली, ना पक्की सड़क और ना शौचालय: प्रधानमंत्री मोदी की सांसद आर्दश ग्राम योजना का सच
उत्तर-प्रदेश के गोंडा ज़िले में भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह द्वारा गोद लिए गाँव में लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं।
अक्टूबर 2014 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गयी सांसद आर्दश ग्राम योजना के अंतर्गत सांसदों की निगरानी में गाँव का विकास और सुविधाओं को मुहैया करवाने का उद्देश्य था। लेकिन हिंद किसान की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर-प्रदेश के गोंडा ज़िले में आर्दश गाँव तो दूर, जीवन यापन के लिए मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं।
गोंडा ज़िले के लक्ष्मणपुर लालनगर गाँव के हालात सरकार की योजनाओं की पोल खोलते नज़र आ रहे हैं। इस गाँव को प्रधानमंत्री की योजना के तहत भाजपा के ही सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने गोद लिया था। गाँव के लोगों से वादे किए गए थे कि उन्हें बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी। इसके बिल्कुल विपरीत गाँव में ना तो बिजली है और ना ही पानी। गाँव में पक्की सड़क भी नहीं है जिस कारण कीचड़ और से भरी सड़क पर चलने के लिए लोग मजबूर हैं।
लोगों को प्रधानमंत्री शौचालय योजना के तहत शौचालय बनाने को कहा गया लेकिन शौचालय बनाने के लिए उन्हें राशि नहीं दी गई। राशन की योजना भी केवल कागज़ो तक ही सीमित है। गाँव में 8वीं कक्षा तक ही स्कूल है आगे की पढ़ाई करने के लिए बच्चों को 7-8 किलोमीटर चलकर जाना पड़ता है जिसकी वज़ह से ज्यादातर बच्चे अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं।
गाँव में पक्के मकान तो दूर, ढंग की झोपड़ीयां भी नहीं हैं।गंदे पानी की निकासी ना होने के कारण से गाँव में आए दिन बीमारीयाँ फ़ैलती हैं। बिजली की भी यहाँ कोई सुविधा नहीं है।
बावजूद इसके प्रशासन के आला-अधिकारी अपनी उपलब्धियां गिनवाते नहीं थकते हैं। गाँव के ऐसे हालात और प्रशासन की कमियां देखने के बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की नीतियां और योजनाएं केवल कागज़ों तक ही सीमित है क्योंकि ज़मीनी हक़ीकत कुछ और ही ब़या करती हैं।