रोज़गार का हाल: मोदी सरकार में UPSC, SSC से लेकर रेलवे तक में कम हुई नौकरियां
2014-15 से 2016-17 के बीच सरकारी नौकरियों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है.
भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में हर साल 2 करोड़ नई नौकरियां देने का फ़ैसला किया था. लेकिन, उनकी सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफ़ल दिख रही है. आंकड़ों की मानें तो मोदी सरकार के कार्यकाल में 2014-15 से 2016-17 के बीच सरकारी नौकरियों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में 2013-14 में कुल 16.91 लाख लोगों को रोज़गार मिला था, लेकिन यह आंकड़ा 2016-17 में कम होकर 15.23 लाख पर पहुंच गया. 2014-15 में सरकारी कंपनियों में 15.87 लाख तथा 2015-16 में 15.21 लाख लोगों को रोजगार मिला था. ये आंकड़े भारी उद्योग मंत्रालय के बताए जाते हैं.
इस प्रकार यूपीएससी, एसएससी और रेलवे की परीक्षाओं की बहाली को देखें तो इसमें पिछले तीन सालों में कमी देखी गई है. 2014-15 में यूपीएससी में कुल 8,272 लोगों का चयन हुआ था वहीं 2015-16 में 6866 और 2016-17 में 5735 पर पहुंच गया. एसएससी की परीक्षा से 2014-15 के साल में 58,066 लोगों को रोज़गार मिला था, लेकिन 2015-16 में यह 25,138 पर आकर सिमट गया. रेलवे की परीक्षा से जहां 2014-15 में 47,186 लोगों को रोज़गार मिला था, वहीं 2016-17 में रेलवे में नौकरी पाने वाले लोगों की संख्या घटकर 26,318 पर आ गई. 2015-16 में रेलवे की परीक्षा से 79,803 लोगों को रोज़गार मिला था. इस तरह यूपीएससी, एसएससी और रेलवे की परीक्षाओं से जहां 2014-15 में 1,13524 लोगों को रोज़गार मिला था, वह 2016-17 में घटकर 1,00,933 पर आ गया.
Modi promised “10 crore” fresh jobs – instead – it has unveiled a hastily thought up ‘reservation’ policy in government jobs. The truth is that there are serious cutbacks there for at least three years. Another Jumla inaugurated by Modi govt. #Jumlanomics #JobsLost pic.twitter.com/xORwd9I6C8
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) January 14, 2019
सीपीआई(एम) नेता सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि नरेन्द्र मोदी ने पांच सालों में 10 करोड़ नौकरियों का वादा किया था, लेकिन तीन सालों में सरकारी नौकरियां कम हुई हैं ऐसे में यह 10 प्रतिशत आरक्षण भी एक जुमला की तरह दिखता है.