राफ़ेल घोटाले में फिर घिरे मोदी: फ्रांस ने 2 बिलियन में खरीदे 28 जहाज, मोदी सरकार ने 36 विमानों पर लुटाए थे 7.8 बिलियन यूरो
कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर कहा है- चौकीदार चोर है.
राफ़ेल विमान सौदे का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. ताज़ा विवाद यह है कि भारत ने 36 विमानों के लिए 7.8 बिलियन यूरो पैसे दसॉल्ट को दिए हैं जबकि फ्रांस ने मात्र 2 बिलियन यूरो में 28 विमानों की खरीद की है.
फ्रांस की एक समाचार वेबसाइट नेवी टाइम्स के मुताबिक फ्रांस सरकार ने दसॉल्ट एविएशन से 28 राफ़ेल विमान खरीदे हैं, जिसके लिए कुल 2 बिलियन डॉलर दिए गए हैं. समाचार के मुताबिक 2023 से फ्रांस को ये विमान मिलने शुरू हो जाएंगे. फ्रांस सरकार द्वारा खरीदा गया यह विमान भारत से अधिक उन्नत किस्म का बताया जाता है.
कांग्रेस पार्टी ने इसे लेकर सरकार को एक बार फिर घेरा है. पार्टी के ट्विटर हैंडल ने नेवी टाइम्स की ख़बर को साझा करते हुए लिखा है- भारत ने 36 राफ़ेल विमानों के लिए 7.8 बिलियन यूरो खर्च किए हैं और फ्रांस ने 28 विमानों की खरीद के लिए बस 2 बिलियन खर्च किए हैं. इंटायर पोलिटिकल साइंस (प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री, जिसमें उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र होने का दावा किया था.) के छात्र इसका गणित समझा पाएंगे क्या?
India is paying Euro 7.8 billion for 36 Rafale aircraft.
France is paying Euro 2 billion for 28 upgraded Rafale aircraft.
Can the person with Entire Political Science degree do the math? #ChowkidarChorHaihttps://t.co/n8SPQ6ljF4— Congress (@INCIndia) January 15, 2019
बता दें कि राफ़ेल विमान सौदे में घोटाले को लेकर मोदी सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है. विपक्षी दल सरकार से जेपीसी द्वारा मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इससे बचती नज़र आ रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफ़ेल विमान सौदे के लिए सीधे तौर पर पीएम मोदी को जिम्मेदार मानते हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री को घेरते हुए “चौकीदार चोर है” नारे को काफ़ी लोकप्रिय बनाया है.