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देश में अघोषित आपातकाल, राफ़ेल घोटाले को ढकने के लिए सीबीआई निदेशक को हटाया: एमके स्टालिन

डीएमके नेता ने कहा है कि नागेश्वर राव जैसे अधिकारी को सीबीआई निदेशक बनाकर सरकार आज भी इस संस्था को सरकारी तोता बनाना चाहती है।

सीबीआई में चल रहे गतिरोध पर डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) प्रमुख एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राफ़ेल घोटाले की जांच ढकने के लिए मोदी सरकार ने यह कदम उठाया है। एमके स्टालिन ने कहा है, ‘राफ़ेल घोटाले की जांच को ढकने के लिए मोदी सरकार ने यह क़दम उठाया है। इस फ़ैसले से देश में अघोषित आपातकाल की स्थिति बन गई है। नागेश्वर राव जैसे विवादास्पद अधिकारी की नियुक्ति बताती है कि सीबीआई भाजपा सरकार का तोता बनी हुई है।’

नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किए जाने पर उन्होंने कहा, ‘नागेश्वर राव के ख़िलाफ़ सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को कई शिकायतें भेजी गईं हैं। और ऐसी ख़बरें हैं कि सीबीआई निदेशक वर्मा उनके ख़िलाफ़ आरोपों की जांच शुरू करने वाले थे।’

ग़ौरतलब है कि सीबीआई में शीर्ष दो अधिकारियों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच केंद्र सरकार ने अब इस मामले में हस्तक्षेप किया है। केंद्र सरकार ने सीबीआई चीफ़ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया है। फ़िलहाल आलोक वर्मा की जगह एम. नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर का कार्यभार सौंपा गया है। राव सीबीआई में अभी तक ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। एम. नागेश्वर राव तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले हैं। वह 1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।

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